पूरक पोषण कार्यक्रम-बिहार (SNPB): लाभ राशि, पात्रता नियम, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: इस कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 महीने से 6 साल की उम्र के सामान्य/कुपोषित/गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम 50:50 के वित्त पोषण अनुपात के साथ केंद्र द्वारा प्रायोजित है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 महीने से 6 साल की उम्र के सामान्य/कुपोषित/गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर को बढ़ाना है। यह कार्यक्रम 50:50 के वित्त पोषण अनुपात के साथ केंद्र द्वारा प्रायोजित है।
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- योजना का परिचय एवं उद्देश्य (Overview)
पूरक पोषण कार्यक्रम-बिहार (SNPB)सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्यंत लाभकारी एवं जनकल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य लक्षित वर्ग को वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र नागरिकों को निर्धारित मानकों के अनुसार लाभ दिया जाता है। योजना का संपूर्ण संचालन समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकारद्वारा पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
2. मुख्य विशेषताएं एवं संक्षिप्त विवरण (Key Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | पूरक पोषण कार्यक्रम-बिहार (SNPB) |
| प्रदाता विभाग / मंत्रालय | समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार |
| योजना का स्तर | बिहार राज्य कल्याणकारी सरकारी योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | बिहार के पात्र निवासी |
| लाभ का प्रकार | प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता / अनुदान / कल्याणकारी लाभ (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) |
| आधिकारिक पोर्टल | state.bihar.gov.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं वित्तीय सहायता (Benefits & Assistance)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
इस योजना के तहत 6 महीने से 3 साल की उम्र के बच्चों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को गर्म पका हुआ भोजन और घर ले जाने वाला राशन (टी. एच. आर.) प्रदान किया जाता है। पूर्व-विद्यालय शिक्षा के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में जाने वाले 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को सप्ताह में तीन दिन खिचडी, एक दिन पुलाव, एक दिन रसियाव और एक दिन सुंगध की खीर मिलती है। गर्म पका हुआ भोजन हर महीने कुल 25 दिनों के लिए सभी जिलों में आंगनवाड़ी केंद्रों में समान रूप से प्रदान किया जाता है। बुधवार और शुक्रवार को अंडे खाने वाले बच्चों को नाश्ते के लिए एक उबला हुआ अंडा मिलता है, जबकि गैर-अंडा खाने वालों को अंकुरित चना और गुड़ दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 महीने से 3 साल की उम्र के सामान्य, कुपोषित और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को 25 दिनों के लिए महीने में एक बार सूखा राशन वितरित किया जाता है। अंडा खाने वाली गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को आंगनवाड़ी केंद्र में हर बुधवार और शुक्रवार (महीने में सात बार) एक उबला हुआ अंडा दिया जाता है, जबकि अंडा न खाने वालों को सोयाबीन दिया जाता है। 6 महीने से 3 साल की उम्र के बच्चे जो अंडे का सेवन करते हैं, उन्हें बुधवार और शुक्रवार को एक उबला हुआ अंडा भी दिया जाता है, जिसमें गैर-अंडे खाने वालों को सोयाबीन दिया जाता है।यदि जिला स्तर की मूल्य निर्धारण समिति किसी भी वस्तु की कीमत बढ़ाती है, तो अतिरिक्त लागत सुबह के नाश्ते के बजट में शामिल की जाती है। अन्य वस्तुओं से किसी भी बचत का उपयोग नाश्ते के लिए अंकुरित चना-गुड़, गुड़-चूरा या इसी तरह की वस्तुएं प्रदान करने के लिए किया जाता है। नोटः हर बुधवार को एक पायलट परियोजना के तहत 5 जिलों (गया, सारण, सीवान, गोपालगंज और वैशाली) के 25 आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल की उम्र के प्रत्येक बच्चे को 18 ग्राम दूध पाउडर (150 मिलीलीटर गर्म पानी में मिश्रित) प्रदान किया जाता है, जिसे तब से पूरे राज्य में विस्तारित किया गया है।योजना का मुख्य लक्ष्य लक्षित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके समग्र आर्थिक व सामाजिक विकास को गति देना है।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित प्रमुख शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- लाभार्थी बिहार का निवासी होना चाहिए।
- 6 महीने से 6 साल की उम्र के सभी बच्चों के साथ-साथ राज्य भर के आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताएं इस कार्यक्रम के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक अपात्र माने जा सकते हैं:
निम्नलिखित परिस्थितियों में आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है:
<बीआर>
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- मूल निवास प्रमाण पत्र / स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
- सक्रिय बैंक पासबुक एवं पहचान प्रमाण
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (आधार लिंक, DBT भुगतान हेतु)
- आय प्रमाण पत्र (माता-पिता / आवेदक की वार्षिक आय का प्रमाण)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि विशेष आरक्षित वर्ग लाभ हेतु लागू हो)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ एवं मोबाइल नंबर> उपयोगी सुझाव: यदि आपके दस्तावेजों, पहचान पत्रों या फोटो की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, लाभार्थियों को अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र में अपना नाम पंजीकृत करना चाहिए। शिकायतें और शिकायत निवारणः उप-मंडल स्तर पर लोक शिकायत निवारण अधिकारी, जिला स्तर पर जिला लोक शिकायत निवारण अधिकारी और विभाग स्तर पर विभागीय लोक शिकायत निवारण अधिकारी के पास शिकायतें और अपील दायर की जा सकती हैं। इसके अलावा, आप परियोजना स्तर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला अधिकारी, मंडल स्तर पर संभागीय आयुक्त और राज्य स्तर पर निदेशक, आईसीडीएस और अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, समाज कल्याण विभाग से लिखित/टेलीफोन पर संपर्क कर सकते हैं और अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: state.bihar.gov.in
- राष्ट्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा संबंधित नोडल कार्यालय से जानकारी लें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: पूरक पोषण कार्यक्रम-बिहार (SNPB) का लाभ किन्हें मिल सकता है?
उत्तर: यह योजना मुख्य रूप से बिहार के पात्र निवासी के लिए संचालित है जो योजना के विहित दिशा-निर्देशों एवं पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
प्र. 2: पूरक पोषण कार्यक्रम-बिहार (SNPB) के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
उत्तर: आवेदक आधिकारिक पोर्टल state.bihar.gov.in अथवा संबंधित विभागीय कार्यालय / सीएससी (CSC) केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्र. 3: क्या योजना के तहत लाभ सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है?
उत्तर: हाँ, अधिकांश वित्तीय सहायता एवं सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
पूरक पोषण कार्यक्रम-बिहार (SNPB)लक्षित वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम है। सभी पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से समय पर अपना आवेदन सुनिश्चित करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को कोई शुल्क न दें।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, state.bihar.gov.in, before you apply or pay.
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