केंद्रीय व्यवसाय एवं स्वरोजगार योजनायह योजना उद्योग के साथ-साथ प्रशिक्षुओं दोनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है। यह योजन

लचीला समझौता ज्ञापन (फ्लेक्सी-एमओयू) योजना (FLEXI-MOU): सब्सिडी राशि, पात्रता नियम, जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

By Pratiyogita KoshPublished 2026-10-11About 7 min read

In short: लचीला समझौता ज्ञापन (फ्लेक्सी-एमओयू) योजना (FLEXI-MOU) कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित एक प्रमुख उद्यम एवं व्यवसाय संवर्धन योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य अखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक) के उद्यमियों, स्टार्टअप्स एवं व्यापारियों को नया उद्यम स्थापित करने अथवा व्यवसाय के विस्तार हेतु वित्तीय सहायता, पूंजीगत सब्सिडी व कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराना है। पात्र आवेदक आवश्यक दस्तावेजों के साथ आधिकारिक पोर्टल dgt.gov.in पर अथवा संबंधित विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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  1. योजना का संक्षिप्त परिचय (Scheme Overview)

यह योजना उद्योग के साथ-साथ प्रशिक्षुओं दोनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है। यह योजना उद्योगों को अपनी कौशल निर्धारित आवश्यकताओं के अनुसार उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने की अनुमति देती है और प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण से गुजरने के लिए बाजार की मांग और नवीनतम तकनीक के साथ एक उद्योग वातावरण प्रदान करती है।

भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा देश के नागरिकों, उद्यमियों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में लचीला समझौता ज्ञापन (फ्लेक्सी-एमओयू) योजना (FLEXI-MOU)को विशेष रूप से लागू किया गया है ताकि लक्षित वर्ग को समय पर आवश्यक आर्थिक एवं संस्थागत सहयोग मिल सके।

इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, अनुदान अथवा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होकर सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचता है।

2. योजना की मुख्य बातें एक नज़र में (Quick Highlights)

मुख्य बिंदुविवरण
योजना का नामलचीला समझौता ज्ञापन (फ्लेक्सी-एमओयू) योजना (FLEXI-MOU)
संचालक विभाग / मंत्रालयकौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार
योजना का स्तरकेंद्रीय व्यवसाय एवं स्वरोजगार योजना
लक्षित क्षेत्र / राज्यअखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक)
लाभ का प्रकारवित्तीय अनुदान / ऋण सब्सिडी / व्यवसाय प्रोत्साहन (DBT)
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल)
आधिकारिक पोर्टलdgt.gov.in

3. मिलने वाले लाभ एवं वित्तीय सहायता (Benefits & Assistance)

इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:

प्रतिभागी उद्यमों के लिए:

  • अनुकूलित सामग्री और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षित श्रमशक्ति।
  • प्रशिक्षण के लिए उम्मीदवारों के चयन में लचीलापन।
  • उच्च रोजगार क्षमता वाले उद्योग-प्रासंगिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित हों।
  • अनुभवी उद्योग विशेषज्ञों/पेशेवरों के साथ बातचीत से लाभ उठाएं।
  • उद्योग की दुकानों और नवीनतम उपकरणों के साथ कार्य वातावरण के संपर्क में आना।
  • नियोक्ता के साथ संभावित नौकरी के अवसर और क्षेत्र के भीतर रोजगार के अवसर बढ़ाना।
  • औद्योगिक प्रशिक्षण भागीदार (आई. टी. पी.) को प्रति वर्ष कम से कम 100 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करना चाहिए।
  • आई. टी. पी. को कम से कम 50 प्रतिशत सफल प्रशिक्षुओं की नियुक्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
  • आई. टी. पी. स्वतंत्र रूप से शुल्क संरचना निर्धारित कर सकता है।
  • आई. टी. पी. प्रशिक्षण के दौरान वजीफा प्रदान कर सकता है। एमओयू 10 साल के लिए वैध है, जिसे 5 साल के स्लॉट में बढ़ाया जा सकता है

योजना का मुख्य लक्ष्य लक्षित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके समग्र आर्थिक विकास को गति देना है।

4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)

योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित प्रमुख शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:उद्यम/संगठन के लिए:1. आवेदक को केंद्रीय/राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों के तहत पंजीकृत एक उद्योग होना चाहिए, जिसका वार्षिक कारोबार 100 करोड़ रुपये से अधिक होना चाहिए और पिछले 3 वित्तीय वर्षों के दौरान सकारात्मक निवल मूल्य होना चाहिए। या, आवेदक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के तहत पंजीकृत एक मध्यम उद्यम होना चाहिए, जिसमें संयंत्र और मशीनरी या उपकरणों में निवेश 50 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए और वार्षिक कारोबार 250 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। या, आवेदक को केंद्रीय/राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों के तहत पंजीकृत एक स्टार्ट-अप होना चाहिए, जिसका वार्षिक कारोबार ₹50,00,000/- से अधिक होना चाहिए और पिछले 3 वित्तीय वर्षों के दौरान सकारात्मक निवल मूल्य होना चाहिए।

  1. आवेदक को जिला कौशल समिति द्वारा अनुशंसित या नामित एक प्रतिष्ठित उद्योग होना चाहिए।
  2. आवेदक केंद्र सरकार या राजकीय का उपक्रम, सार्वजनिक क्षेत्र का प्रतिष्ठान, केंद्रीय क्षेत्र का प्रतिष्ठान या सरकारी प्रशिक्षण संस्थान होना चाहिए। 1. आवेदक को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू. जी. सी.) द्वारा अनुमोदित कौशल विश्वविद्यालय होना चाहिए।
  3. आवेदक को राज्य विधानमंडल अधिनियम के तहत स्थापित कौशल विश्वविद्यालय होना चाहिए।
  4. आवेदक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रशिक्षुओं को विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र के भीतर उद्योग प्रशिक्षण घटक के लिए योग्य उद्यमों/संगठनों को भेजा जाए। 1. आवेदक को औद्योगिक प्रशिक्षण भागीदार (आई. टी. पी.) द्वारा विकसित पाठ्यक्रम में निर्दिष्ट न्यूनतम योग्यता, आयु और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना चाहिए।
  5. आवेदक को उद्योग में रोजगार के लिए या प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रशिक्षु के रूप में नियुक्त होने के लिए आवश्यक न्यूनतम आयु मानदंड को पूरा करना चाहिए। आवेदक (आई. टी. पी.) को इस योजना के तहत प्रति वर्ष न्यूनतम 100 प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण सुनिश्चित करना चाहिए

5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक अपात्र माने जा सकते हैं:

निम्नलिखित परिस्थितियों में आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है:

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6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रति तैयार रखें:

  • आवेदक का आधार कार्ड एवं पैन कार्ड (Aadhaar & PAN Card)
  • मूल निवास प्रमाण पत्र / पहचान पत्र
  • उद्यम / व्यवसाय का पंजीकरण प्रमाण पत्र (Udyam / MSME Registration)
  • सक्रिय बैंक खाता विवरण एवं पासबुक (बैंक स्टेटमेंट)
  • परियोजना रिपोर्ट / बिजनेस प्लान (DPR / Business Plan)
  • जाति / श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि विशेष श्रेणी सब्सिडी हेतु लागू हो)
  • किरायेदारी समझौता या व्यवसाय स्थल के स्वामित्व का प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ> उपयोगी सुझाव: यदि आपके दस्तावेजों, पहचान पत्रों या फोटो की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।

7. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)

योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  1. आवेदक (उद्यम/संगठन/कौशल विश्वविद्यालय) को पाठ्यक्रम, अवधि, बैच के आकार, बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण केंद्रोंों जैसे विवरणों के साथ एक प्रस्ताव तैयार करना चाहिए।
  2. आवेदक को प्रशिक्षण महानिदेशालय (डी. जी. टी.) को ऑफ़लाइन आवेदन जमा करना चाहिए।
  3. प्रशिक्षण महानिदेशालय (डी. जी. टी.) आवेदन की जांच करता है और आवेदक से स्पष्टीकरण मांग सकता है।
  4. प्रशिक्षण महानिदेशालय (डी. जी. टी.) आधारभूत संरचना और सुविधाओं को सत्यापित करने के लिए प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रोंों का निरीक्षण कर सकता है।
  5. प्रशिक्षण महानिदेशालय (डी. जी. टी.) प्रस्ताव का मूल्यांकन करता है और मंजूरी देता है।
  6. आवेदक को अनुमोदन के 30 दिनों के भीतर प्रशिक्षण महानिदेशालय (डी. जी. टी.) के साथ समझौता ज्ञापन (एम. ओ. यू.) पर हस्ताक्षर करने चाहिए।
  7. आवेदक को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार पाठ्यक्रम को विकसित और अंतिम रूप देना चाहिए।
  8. आवेदक को केवल स्वीकृत पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए और एक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करना चाहिए।
  9. आवेदक को अपने चयन मानदंडों के अनुसार प्रशिक्षुओं का चयन करना चाहिए और प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करना चाहिए।
  10. आवेदक को प्रवेश के एक पखवाड़े के भीतर योजना की वेबसाइट पर प्रशिक्षुओं के नामांकन का विवरण अपलोड करना चाहिए।
  11. आवेदक को अनुमोदित पाठ्यक्रम के अनुसार कक्षा और उद्योग घटकों के माध्यम से प्रशिक्षण आयोजित करना चाहिए।
  12. आवेदक को व्यावहारिक और रचनात्मक मूल्यांकन करना चाहिए, जबकि प्रशिक्षण महानिदेशालय (डी. जी. टी.) कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सी. बी. टी.) आयोजित करता है।
  13. प्रशिक्षण महानिदेशालय (डी. जी. टी.) सफल प्रशिक्षुओं को ई-राष्ट्रीय व्यापार प्रमाण पत्र (ई-एन. टी. सी.) जारी करता है।
  14. आवेदक को कम से कम 50 प्रतिशत सफल प्रशिक्षुओं की नियुक्ति सुनिश्चित करनी चाहिए और उन्हें एक वर्ष के लिए ट्रैक करना चाहिए।
  15. आवेदक को प्रशिक्षुओं के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करना चाहिए, और अनसुलझे मुद्दों को प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) को सूचित किया जा सकता है

8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)

  • आधिकारिक वेबसाइट: dgt.gov.in
  • राष्ट्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
  • हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा संबंधित नोडल कार्यालय से जानकारी लें।

9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)

प्र. 1: क्या लचीला समझौता ज्ञापन (फ्लेक्सी-एमओयू) योजना (FLEXI-MOU) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?

उत्तर: हां, इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल dgt.gov.in अथवा संबंधित राज्य के उद्योग/उद्यमिता पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

प्र. 2: योजना के तहत सब्सिडी या वित्तीय सहायता का भुगतान कैसे होता है?

उत्तर: स्वीकृत वित्तीय सहायता अथवा सब्सिडी राशि सीधे आवेदक/उद्यमी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते अथवा संबंधित बैंक ऋण खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए जमा की जाती है।

प्र. 3: क्या आवेदन करने के लिए कोई आधिकारिक शुल्क लगता है?

उत्तर: नहीं, आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।

प्र. 4: आवेदन के बाद फॉर्म की स्थिति (Status) कैसे जांचें?

उत्तर: आप पोर्टल पर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल (Application ID एवं Password) अथवा पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए 'Track Application Status' पर जाकर अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति जांच सकते हैं।

प्र. 5: क्या नए और पुराने दोनों तरह के व्यवसाय इसके लिए पात्र हैं?

उत्तर: अधिकांश योजनाओं में नया उद्यम शुरू करने (Greenfield) और मौजूदा व्यवसाय के आधुनिकीकरण या विस्तार (Brownfield) दोनों के लिए निर्धारित शर्तों के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)

लचीला समझौता ज्ञापन (फ्लेक्सी-एमओयू) योजना (FLEXI-MOU)लक्षित वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम है। सभी पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से समय पर अपना आवेदन सुनिश्चित करें।

हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को कोई शुल्क न दें।

अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।

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