राज्य समकित सहकारी विकास योजना-गंगा गाय महिला डेयरी योजना (RSSVYGGMDY): पात्रता, मिलने वाले लाभ, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: राज्य समकित सहकारी विकास योजना-गंगा गाय महिला डेयरी योजना (RSSVYGGMDY) Dairy Development Department, उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड के पात्र निवासी को आर्थिक सहयोग, सब्सिडी एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। पात्र आवेदक सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आधिकारिक पोर्टल uk.gov.in पर ऑनलाइन अथवा अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
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- योजना का संक्षिप्त परिचय (Scheme Overview)
इस योजना का उद्देश्य दूध देने वाली गायों और भैंसों की खरीद के लिए सब्सिडी और ऋण के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करके महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सहकारी समितियों के सामान्य श्रेणी के सदस्यों के बीच डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण कामगारों के उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में राज्य समकित सहकारी विकास योजना-गंगा गाय महिला डेयरी योजना (RSSVYGGMDY)को विशेष रूप से लागू किया गया है ताकि लक्षित वर्ग को बिना किसी कठिनाई के आधुनिक तकनीक, उपकरण, वित्तीय सुरक्षा और विकास के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और वास्तविक पात्र व्यक्ति को सीधे तौर पर लाभ प्राप्त होता है।
2. योजना की मुख्य बातें एक नज़र में (Quick Highlights)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | राज्य समकित सहकारी विकास योजना-गंगा गाय महिला डेयरी योजना (RSSVYGGMDY) |
| संचालक विभाग / मंत्रालय | Dairy Development Department, उत्तराखंड सरकार |
| योजना का स्तर | उत्तराखंड राज्य योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | उत्तराखंड के पात्र निवासी |
| लाभ का प्रकार | प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ / सब्सिडी / तकनीकी सहायता (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) एवं ऑफलाइन (CSC केंद्र) |
| आधिकारिक पोर्टल | uk.gov.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं सहायता राशि (Benefits & Subsidy)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
दूध उत्पादक सहकारी समितियों के सदस्यों को गाय या भैंस खरीदने के लिए निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं: सामान्य श्रेणी के सदस्यों के लिएः
- 2,3 और 5 डेयरी पशुओं (पशु खरीद, बीमा, परिवहन खर्च, पशु शेड, दूध वैन आदि सहित) की एक इकाई की स्थापना के लिए जिला सहकारी बैंक के माध्यम से 50 प्रतिशत अनुदान और 40 प्रतिशत ऋण स्वीकृत किया जाता है, और शेष 10 प्रतिशत लाभार्थी द्वारा वहन किया जाता है।
- डेयरी विभाग 2 पशुओं के लिए 80,000 रुपये, 3 पशुओं के लिए 1 रुपये, और 5 पशुओं के लिए 2 रुपये का अनुदान प्रदान करेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला सदस्यों (किसी भी जाति की) के लिएः
- 2,3 और 5 डेयरी पशुओं (पशु खरीद, बीमा, परिवहन, बछड़े, दूध वैन आदि सहित मवेशी शेड) के लिए इकाइयों की स्थापना के लिए जिला सहकारी बैंक के माध्यम से 75 प्रतिशत अनुदान और 25 प्रतिशत ऋण स्वीकृत किया जाता है।
- डेयरी विभाग 2 पशुओं के लिए ₹ 1,20,000,3 पशुओं के लिए ₹ 1,84,875 और 5 पशुओं के लिए ₹ 3,05,438 की राशि प्रदान करेगा।
- न्यूनतम 2 पशु खरीदे जाने चाहिए, और सब्सिडी प्राप्त करने के लिए ऋण लेना अनिवार्य है
योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी पात्र नागरिक आधुनिक कृषि पद्धतियों, आजीविका के साधनों और जरूरी संसाधनों से वंचित न रहे।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित मुख्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- आवेदक को उत्तराखंड का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक को दूध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना चाहिए। (वे व्यक्ति जो वर्तमान में सदस्य नहीं हैं, वे सहकारी समिति में शामिल होकर पात्र बन सकते हैं।) आवेदक को सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या महिला श्रेणी से संबंधित होना चाहिए।
- आवेदक को गाय (प्रति दिन न्यूनतम 12 लीटर दूध उत्पादन के साथ) या भैंस (प्रति दिन न्यूनतम 10 लीटर दूध उत्पादन के साथ) खरीदने का इरादा होना चाहिए।
- आवेदक को राज्य के बाहर से पशु खरीदना होगा।
- आवेदक को कम से कम दो (2) जानवर खरीदने चाहिए।
- सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए दूध देने वाले जानवरों की खरीद के लिए ऋण लेना अनिवार्य है
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के निष्पक्ष क्रियान्वयन के लिए कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा क्षेत्र के स्थायी निवासी नहीं हैं।
- ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पहले से ही समान घटक अथवा योजना का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त कर लिया हो।
- अपूर्ण, अस्पष्ट अथवा गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- संस्थागत भूमिधारक अथवा अपात्र सरकारी सेवा वर्ग के व्यक्ति (योजना की शर्तों के अनुसार)।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile / Resident Certificate)
- जमीन के दस्तावेज (खसरा, खतौनी, 7/12 अथवा पट्टा - जहाँ लागू हो)
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (DBT भुगतान हेतु आधार से लिंक)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ
- जाति प्रमाण पत्र (SC / ST / OBC वर्ग के लाभार्थियों हेतु)
- आय प्रमाण पत्र अथवा स्व-घोषणा पत्र (योजनानुसार)> उपयोगी सुझाव: यदि आपके पहचान पत्र, फोटो अथवा जमीन के अभिलेखों की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- आवेदक का सोसायटी का सदस्य होना अनिवार्य है। संबंधित ग्राम पंचायत या ग्रामीण क्षेत्र में 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी सदस्य निकटतम सोसायटी सचिव के पास ₹ 25.00 सदस्यता शुल्क जमा करके और रसीद प्राप्त करके सदस्यता प्राप्त कर सकता है। सदस्य बनने के लिए पशु पालक होना आवश्यक नहीं है।
- आवेदन पत्र दूध सहकारी समिति या निकटतम जिला सहकारी बैंक से प्राप्त किया जा सकता है। फॉर्म को आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, जाति प्रमाण पत्र, सहकारी समिति की सदस्यता संख्या (यदि लागू हो), और चल/अचल संपत्ति या भूमि प्रमाण पत्र के साथ जमा किया जाना चाहिए। यदि उपरोक्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो दो गारंटर जो दूध सोसायटी के सदस्य हैं, उन्हें प्रदान किया जाना चाहिए।
- यदि किसी संस्थान से ऋण लिया गया है, तो प्राप्त किए जाने वाले जानवरों की संख्या के साथ इसका विवरण दूध सहकारी समिति को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। सोसायटी सचिव आवेदन को प्रमाणित करता है। दूध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के प्रबंधक/मुख्य प्रबंधक और डेयरी के सहायक निदेशक जांच के बाद सिफारिशें देते हैं।
- सिफारिशें प्राप्त करने के बाद, आवेदन बैंक को प्रस्तुत किया जाता है। एक बार जब बैंक सभी दस्तावेजों का सत्यापन कर लेता है, तो ऋण को लाभार्थी की पात्रता के अनुसार अनुमोदित किया जाता है, और ऋण राशि लाभार्थी के खाते में वितरित की जाती है।
- धन प्राप्त करने पर, डेयरी सहकारी समिति/डेयरी विभाग की खरीद समिति लाभार्थी को सूचित करती है और राज्य के बाहर विभाग-सूचीबद्ध डेयरी फार्मों से पशु खरीदने के लिए उनके साथ जाती है। क्रय समिति पशुओं का चयन करती है और उन्हें खरीदती है, उनके स्वास्थ्य का निरीक्षण करती है और उन्हें मालिक के घर पहुँचाती है। मालिक को विभागीय कर्मियों को कोई पैसा नहीं देना पड़ता है।
- यदि लाभार्थी सूचीबद्ध फर्म के जानवरों से संतुष्ट नहीं है, तो उन्हें संबंधित जिला प्रबंधक को लिखित रूप में सूचित करना चाहिए। अनुमति प्राप्त करने के बाद, खरीद सोसायटी राज्य के बाहर एक वैकल्पिक स्रोत से पशु प्रदान करेगी
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: uk.gov.in
- केंद्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा शिकायत के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा अपने जिले के संबंधित उपनिदेशक / कृषि अधिकारी कार्यालय में संपर्क करें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: क्या राज्य समकित सहकारी विकास योजना-गंगा गाय महिला डेयरी योजना (RSSVYGGMDY) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हां, इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल uk.gov.in और नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC / ग्राम सुविधा केंद्र) दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
प्र. 2: योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान कैसे होता है?
उत्तर: स्वीकृत वित्तीय अनुदान अथवा सहायता राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली द्वारा स्थानांतरित की जाती है।
प्र. 3: क्या इस योजना में आवेदन करने के लिए कोई शुल्क देना होता है?
उत्तर: विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनलाइन आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है। यदि आप सीएससी (CSC) केंद्र से फॉर्म भरवाते हैं, तो केवल निर्धारित
- सेवा शुल्क ही देय होगा।
प्र. 4: आवेदन करने के बाद फॉर्म का स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) अथवा पंजीकृत आधार/मोबाइल नंबर के जरिए 'Track Application Status' विकल्प पर स्थिति जांच सकते हैं।
प्र. 5: यदि आवेदन फॉर्म में कोई गलती हो जाए तो क्या करें?
उत्तर: फॉर्म सबमिट करने से पूर्व सभी विवरण भली-भांति जांच लें। यदि सबमिशन के बाद त्रुटि पाई जाती है, तो पोर्टल पर उपलब्ध सुधार विकल्प अथवा संबंधित ब्लॉक/जिला कार्यालय से संपर्क कर संशोधन कराएं।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
राज्य समकित सहकारी विकास योजना-गंगा गाय महिला डेयरी योजना (RSSVYGGMDY)ग्रामीण क्षेत्र के विकास और लाभार्थियों की आर्थिक मजबूती के लिए एक अत्यंत लाभकारी कदम है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट अथवा मान्यता प्राप्त जन सेवा केंद्रों के माध्यम से ही करें। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति अथवा एजेंट के झूठे वादों में न आएं।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the Dairy Development Department, उत्तराखंड सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, uk.gov.in, before you apply or pay.
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