हिंदी में मूल पुस्तक लिखने के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना (RGPSWOBH): छात्रवृत्ति राशि, पात्रता शर्तें, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: हिंदी में मूल पुस्तक लिखने के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना (RGPSWOBH) Ministry Of Home Affairs, भारत सरकार द्वारा संचालित एक अत्यंत महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं छात्रवृत्ति योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य अखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक) के मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को उच्च व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जारी रखने हेतु वित्तीय सहायता, शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति प्रदान करना है। पात्र विद्यार्थी आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ आधिकारिक पोर्टल rajbhasha.gov.in पर अथवा नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) / राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल के जरिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
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- योजना का संक्षिप्त परिचय (Scheme Overview)
मूल रूप से हिंदी में पुस्तक लिखने को प्रोत्साहित करने और आधिकारिक भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा "हिंदी में मूल पुस्तक लिखने के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना" शुरू की गई थी।
भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा देश के नागरिकों, उद्यमियों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में हिंदी में मूल पुस्तक लिखने के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना (RGPSWOBH)को विशेष रूप से लागू किया गया है ताकि लक्षित वर्ग को समय पर आवश्यक आर्थिक एवं संस्थागत सहयोग मिल सके।
इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, अनुदान अथवा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होकर सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचता है।
2. योजना की मुख्य बातें एक नज़र में (Quick Highlights)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | हिंदी में मूल पुस्तक लिखने के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना (RGPSWOBH) |
| संचालक विभाग / मंत्रालय | Ministry Of Home Affairs, भारत सरकार |
| योजना का स्तर | केंद्रीय छात्रवृत्ति / शिक्षा योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | अखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक) |
| लाभ का प्रकार | प्रत्यक्ष छात्रवृत्ति / शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति / वित्तीय सहायता (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) |
| आधिकारिक पोर्टल | rajbhasha.gov.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं वित्तीय सहायता (Benefits & Assistance)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
पुरस्कार योजना सारांशः ज्ञान और विज्ञान आधारित विषयों पर हिंदी में मूल पुस्तक लिखने के लिए ए. राजभाषा गौरव पुरस्कार:
- पहला पुरस्कारः ₹ 2,00,000-, एक प्रमाण पत्र और एक स्मृति चिन्ह-दूसरा पुरस्कारः ₹ 1,25,000-, एक प्रमाण पत्र और एक स्मृति चिन्ह-तीसरा पुरस्कारः ₹75,000/-, एक प्रमाण पत्र और एक स्मृति चिन्ह बी. फोरेंसिक विज्ञान, पुलिस, अपराध विज्ञान अनुसंधान और पुलिस प्रशासन पर हिंदी में मूल पुस्तक लिखने के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार
- पहला पुरस्कारः ₹ 1,50,000-, एक प्रमाण पत्र और एक स्मृति चिन्ह-दूसरा पुरस्कारः ₹ 1,00,000-, एक प्रमाण पत्र और एक प्रमाण पत्र। : ₹ 1,50,000-, एक प्रमाण पत्र और एक स्मृति चिन्ह-दूसरा पुरस्कारः ₹ 1,00,000-, एक प्रमाण पत्र और एक स्मृति चिन्ह नोट 1: पुरस्कार विजेता पुस्तक पर कॉपीराइट लेखकों/प्रकाशकों के पास रहेगा। टिप्पणी 02: पुरस्कार वितरण के लिए निर्धारित स्थान के अलावा अन्य स्थानों से आने वाले पुरस्कार विजेताओं को भारत सरकार के नियमों के अनुसार द्वितीय एसी और दैनिक भत्ते के लिए आने-जाने का किराया दिया जाएगा। ठहरने की व्यवस्था वह अपने खर्च पर करेगा।
योजना का मुख्य लक्ष्य लक्षित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके समग्र आर्थिक विकास को गति देना है।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित प्रमुख शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- लेखक/सह-लेखक को भारत का नागरिक होना चाहिए।
- पुस्तक निम्नलिखित शैलियों में लिखी जानी चाहिएः-इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर विज्ञान, भौतिकी, जीव विज्ञान, ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान, चिकित्सा, रसायन विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, मनोविज्ञान आदि; समकालीन विषय जैसे उदारीकरण, वैश्वीकरण, उपभोक्तावाद, मानवाधिकार और प्रदूषण आदि।
- फोरेंसिक विज्ञान, पुलिस, अपराध विज्ञान अनुसंधान और पुलिस प्रशासन आदि।
- संस्कृति, धर्म, कला और विरासत आदि।
- कानून से संबंधित विषय और सामान्य शर्तेंः 1. लेखक के एक से अधिक होने के मामले में, प्रत्येक सह-लेखक को अलग से प्रारूप भरना होगा।
- इस योजना के तहत केवल वही पुस्तकें स्वीकार की जाती हैं जो हिंदी में लेखक की मूल कृतियाँ हैं। अनुवादित पुस्तकें स्वीकार नहीं की जाती हैं।
- किसी भी सरकारी संगठन द्वारा पहले प्रदान की गई पुस्तकें पात्र नहीं होंगी। यदि पुस्तक को किसी अन्य पुरस्कार योजना के तहत सम्मानित किया जाता है तो पुस्तक के लेखक को उपर्युक्त योजनाओं के तहत पुरस्कारों की घोषणा से पहले राजभाषा विभाग को तुरंत सूचित करना चाहिए।
- इस योजना के तहत 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक प्रकाशित पुस्तकें स्वीकार्य हैं।
- पुस्तक को उस विषय की विश्लेषणात्मक समीक्षा होनी चाहिए जिससे वह संबंधित है। पीएचडी, कविता, उपन्यास, कहानी, नाटक आदि के लिए थीसिस के रूप में लिखी गई किताबें या पाठ्यपुस्तकें इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगी।
- लेखक/सह-लेखक पुस्तक में दिए गए तथ्यों और आंकड़ों के लिए जिम्मेदार होंगे और उन्हें सबूत के रूप में जहां भी संभव हो संदर्भ देने चाहिए।
- यदि किसी व्यक्ति को पिछले तीन वर्षों के दौरान राजभाषा विभाग की किसी भी योजना के तहत पुरस्कार प्राप्त हुआ है, तो उसकी प्रविष्टि पर विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि, एक सह-लेखक (यदि कोई हो) योजना में भाग ले सकता है। सह-लेखक को आनुपातिक रूप से राशि दी जाएगी।
- पुस्तकों में कम से कम 100 पृष्ठ होने चाहिए।
- यदि मूल्यांकन समिति इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि प्रविष्टियों के रूप में प्राप्त पुस्तकों में से कोई भी पुरस्कार के लिए उपयुक्त नहीं है, तो इस संबंध में समिति का निर्णय अंतिम माना जाएगा।
- यदि पुरस्कार के लिए चुनी गई पुस्तक में एक से अधिक लेखक हैं तो पुरस्कार राशि उनके बीच समान रूप से विभाजित की जाएगी।
- इस योजना के तहत केवल आईएसबीएन वाली किताबें ही स्वीकार की जाएंगी।
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक अपात्र माने जा सकते हैं:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा लक्षित वर्ग की पात्रता मानदंड पूरे नहीं करते।
- गलत, भ्रामक अथवा जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- ऐसे व्यक्ति अथवा संस्थान जो पहले से किसी समान केंद्रीय अथवा राज्य योजना के तहत पूर्ण वित्तीय अनुदान प्राप्त कर रहे हों।
- बैंक अथवा वित्तीय संस्थाओं द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए गए व्यक्ति।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रति तैयार रखें:
- विद्यार्थी का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile / Resident Certificate)
- वर्तमान विद्यालय / कॉलेज का नामांकन प्रमाण पत्र या आईडी कार्ड
- पूर्व परीक्षा की अंकतालिका (Marksheet of previous examination)
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (छात्र के नाम पर, DBT भुगतान हेतु आधार लिंक)
- आय प्रमाण पत्र (माता-पिता / अभिभावक की वार्षिक आय का प्रमाण)
- जाति प्रमाण पत्र (SC / ST / OBC वर्ग के छात्र-छात्राओं हेतु - यदि लागू हो)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ> उपयोगी सुझाव: यदि आपके दस्तावेजों, पहचान पत्रों या फोटो की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
प्रविष्टियाँ भेजने की प्रक्रिया:
- चरण 1: आवेदकों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और आवेदनडाउनलोड करना होगा।
- चरण 02: लेखक प्रविष्टि प्रारूप को सटीक विवरणों के साथ भरें और इसे घोषित अंतिम तिथि से पहले विभाग को भेजें। टिप्पणी 1: आवेदक को प्रत्येक प्रविष्टि के साथ पुस्तक की तीन प्रतियां भेजना आवश्यक है। प्रतियाँ वापस नहीं की जाएंगी। टिप्पणी 02: एक लेखक योजना के तहत केवल एक प्रविष्टि भेज सकता है। टिप्पणी 3: प्रविष्टि को अनुलग्नक में दिए गए प्रारूप के साथ भेजा जाना चाहिए; अन्यथा इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुस्तकों की मूल्यांकन प्रक्रिया:
- राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर राजभाषा विभाग द्वारा गठित एक समिति द्वारा पुस्तकों का मूल्यांकन किया जाएगा। राजभाषा विभाग का एक संयुक्त सचिव समिति का अध्यक्ष होगा। यदि आवश्यक हो, तो समिति में आधिकारिक सदस्यों के साथ गैर-आधिकारिक प्रसिद्ध विद्वान/विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं।
- जो लेखक अपनी प्रविष्टियाँ भेज रहे हैं, उनके रिश्तेदारों को मूल्यांकन समिति में शामिल नहीं किया जाएगा।
- प्रविष्टियों के मूल्यांकन के लिए मूल्यांकन समिति में संबंधित मंत्रालय/विभाग के एक अधिकारी को शामिल किया जा सकता है।
- मूल्यांकन समिति को किसी पुस्तक पर निर्णय लेने से पहले इस विषय पर विशेषज्ञों/विशेषज्ञों से सलाह लेने का अधिकार होगा।
- मूल्यांकन समिति स्वयं मूल्यांकन मानदंड निर्धारित करेगी।
- पुरस्कार के बारे में सर्वसम्मति के अभाव में निर्णय बहुमत द्वारा किया जाएगा। यदि किसी निर्णय के पक्ष और विपक्ष में वोट समान हैं, तो अध्यक्ष को निर्णय पर पहुंचने के लिए वोट देने का अधिकार होगा।
- राजभाषा विभाग मूल्यांकन समिति द्वारा की गई सिफारिशों पर निर्णय लेगा। पुरस्कारों की घोषणा और वितरणः पुरस्कार के बारे में निर्णय सभी पुरस्कार विजेताओं को एक पत्र/ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा और राजभाषा विभाग की वेबसाइट पर रखा जाएगा।
- पुरस्कारों का वितरण राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित तिथि पर किया जाएगा।
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: rajbhasha.gov.in
- राष्ट्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा संबंधित नोडल कार्यालय से जानकारी लें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: क्या हिंदी में मूल पुस्तक लिखने के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना (RGPSWOBH) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हां, इस छात्रवृत्ति योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल rajbhasha.gov.in अथवा संबंधित राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल / राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
प्र. 2: छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान कैसे किया जाता है?
उत्तर: स्वीकृत छात्रवृत्ति राशि सीधे विद्यार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक बचत खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली द्वारा स्थानांतरित की जाती है।
प्र. 3: क्या इस योजना में आवेदन करने के लिए कोई आवेदन शुल्क लगता है?
उत्तर: नहीं, छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।
प्र. 4: आवेदन के बाद छात्रवृत्ति फॉर्म का स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: आप पोर्टल पर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल (Application ID एवं Password) अथवा पंजीकृत आधार/मोबाइल नंबर के जरिए 'Track Application Status' पर जाकर अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति जांच सकते हैं।
प्र. 5: क्या एक ही समय में दो छात्रवृत्तियों का लाभ लिया जा सकता है?
उत्तर: सामान्यतः सरकारी नियमों के अनुसार एक विद्यार्थी एक ही शैक्षणिक सत्र में केवल एक ही प्रमुख सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त कर सकता है, जब तक कि योजना के दिशा-निर्देशों में अतिरिक्त भत्ते की विशेष अनुमति न हो।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
हिंदी में मूल पुस्तक लिखने के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना (RGPSWOBH)लक्षित वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम है। सभी पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से समय पर अपना आवेदन सुनिश्चित करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को कोई शुल्क न दें।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the Ministry Of Home Affairs, भारत सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, rajbhasha.gov.in, before you apply or pay.
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