राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अनुसंधान और विकास योजना (NHDP-R&DS): लाभ राशि, पात्रता नियम, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: "एन. एच. डी. पी.: अनुसंधान और विकास योजना" हस्तशिल्प क्षेत्र में विभिन्न शिल्प और कारीगरों के आर्थिक, सामाजिक, सौंदर्य और प्रचार पहलुओं पर प्रतिक्रिया उत्पन्न करने के लिए शुरू की गई है। सर्वेक्षण और अध्ययन योजना उद्देश्यों के लिए उपयुक्त जानकारी उत्पन्न करने के लिए प्रायोजित/संचालित किए जाते हैं।
"एन. एच. डी. पी.: अनुसंधान और विकास योजना" हस्तशिल्प क्षेत्र में विभिन्न शिल्प और कारीगरों के आर्थिक, सामाजिक, सौंदर्य और प्रचार पहलुओं पर प्रतिक्रिया उत्पन्न करने के लिए शुरू की गई है। सर्वेक्षण और अध्ययन योजना उद्देश्यों के लिए उपयुक्त जानकारी उत्पन्न करने के लिए प्रायोजित/संचालित किए जाते हैं।
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- योजना का परिचय एवं उद्देश्य (Overview)
राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अनुसंधान और विकास योजना (NHDP-R&DS)सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्यंत लाभकारी एवं जनकल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य लक्षित वर्ग को वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र नागरिकों को निर्धारित मानकों के अनुसार लाभ दिया जाता है। योजना का संपूर्ण संचालन Ministry Of Textiles, भारत सरकारद्वारा पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
2. मुख्य विशेषताएं एवं संक्षिप्त विवरण (Key Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अनुसंधान और विकास योजना (NHDP-R&DS) |
| प्रदाता विभाग / मंत्रालय | Ministry Of Textiles, भारत सरकार |
| योजना का स्तर | केंद्रीय खेल एवं सांस्कृतिक प्रोत्साहन |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | अखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक) |
| लाभ का प्रकार | नकद पुरस्कार / छात्रवृत्ति / उपकरण सहायता / प्रशिक्षण अनुदान |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) |
| आधिकारिक पोर्टल | handicrafts.nic.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं वित्तीय सहायता (Benefits & Assistance)
योजना के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं कलाकारों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर नकद पुरस्कार, मासिक छात्रवृत्ति अथवा प्रशिक्षण हेतु विशेष वित्तीय अनुदान दिया जाता है।
योजना का मुख्य लक्ष्य लक्षित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके समग्र आर्थिक व सामाजिक विकास को गति देना है।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित प्रमुख शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
सहायता अनुदान किसी सार्वजनिक निकाय या किसी विशिष्ट कानूनी इकाई वाले संस्थान को दिया जा सकता है। 1. एक विशिष्ट कानून के तहत या सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 या भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 के तहत पंजीकृत एक सोसायटी के रूप में स्वायत्त संगठनों के रूप में स्थापित संस्थान या संगठन।
- निर्माता कंपनियाँ और धारा-8 कंपनियाँ (कंपनी अधिनियम, 2013)।
- गैर-सरकारी संगठन।
- शैक्षणिक और अन्य संस्थान।
- शहरी और ग्रामीण स्थानीय स्वशासन संस्थान।
- निर्यात संवर्धन परिषदें।
- सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज एम्पोरियम (सी. सी. आई. सी.)।
- राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और हस्तकला अकादमी, नई दिल्ली।
- राज्य/केंद्र सरकार।आदि। आवेदक को आवेदन पत्र में निम्नलिखित को प्रमाणित करना चाहिए: 1। इसी उद्देश्य के लिए किसी अन्य स्रोत से कोई वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं हुई है।
- योजना के प्रावधान को पूरी तरह से समझा गया है और हम स्वीकृत परियोजना अवधि के भीतर परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने की जिम्मेदारी लेते हैं।
- योजना के अनुसार कार्यक्रमों के संचालन के लिए संगठन के पास सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- मंत्रालयों की मौजूदा योजनाओं के साथ किए जा रहे प्रयासों का दोहराव नहीं हो रहा है।
- ओ/ओ डी. सी. (हस्तशिल्प) की किसी भी योजना में कोई यू. सी. लंबित नहीं है।
- यह संगठन सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली के साथ पंजीकृत है और इस संबंध में समय-समय पर व्यय विभाग के प्रावधानों/दिशानिर्देशों का पालन करेगा।
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक अपात्र माने जा सकते हैं:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा लक्षित वर्ग की पात्रता मानदंड पूरे नहीं करते।
- गलत, भ्रामक अथवा जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- ऐसे व्यक्ति अथवा परिवार जो पहले से किसी समान केंद्रीय अथवा राज्य योजना के तहत पूर्ण वित्तीय अनुदान प्राप्त कर रहे हों।
- बैंक अथवा वित्तीय संस्थाओं द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए गए व्यक्ति।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- मूल निवास प्रमाण पत्र / स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
- खेल / सांस्कृतिक सहभागिता एवं पदक प्रमाण पत्र
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (आधार लिंक, DBT भुगतान हेतु)
- आय प्रमाण पत्र (माता-पिता / आवेदक की वार्षिक आय का प्रमाण)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि विशेष आरक्षित वर्ग लाभ हेतु लागू हो)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ एवं मोबाइल नंबर> उपयोगी सुझाव: यदि आपके दस्तावेजों, पहचान पत्रों या फोटो की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- चरण 1: पात्र एजेंसियों को अध्ययन/सर्वेक्षण और/या सेमिनार/कार्यशाला आयोजित करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करना चाहिए , के माध्यम से केवल (सरकारी एजेंसियां ऑनलाइन या ऑफ़लाइन मोड के माध्यम से प्रस्ताव जमा कर सकती हैं)।
- चरण 2: विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) की वित्तीय शक्ति के प्रत्यायोजन के अनुसार, गैर सरकारी संगठनों से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार करने के लिए विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। सरकारी एजेंसियों के प्रस्तावों पर पहले आओ पहले पाओ और धन की उपलब्धता के आधार पर विचार किया जाएगा।
- चरण 3: विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) की वित्तीय शक्ति से अधिक वित्तीय निहितार्थ वाले प्रस्तावों को सचिव (वस्त्र) की अध्यक्षता में परियोजना अनुमोदन और निगरानी समिति (पी. ए. एम. सी.) के समक्ष लाया जाएगा, जिसमें आई. एफ. डब्ल्यू., वस्त्र मंत्रालय का एक प्रतिनिधि भी शामिल होगा।
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: handicrafts.nic.in
- राष्ट्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा संबंधित नोडल कार्यालय से जानकारी लें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अनुसंधान और विकास योजना (NHDP-R&DS) का लाभ किन्हें मिल सकता है?
उत्तर: यह योजना मुख्य रूप से अखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक) के लिए संचालित है जो योजना के विहित दिशा-निर्देशों एवं पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
प्र. 2: राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अनुसंधान और विकास योजना (NHDP-R&DS) के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
उत्तर: आवेदक आधिकारिक पोर्टल handicrafts.nic.in अथवा संबंधित विभागीय कार्यालय / सीएससी (CSC) केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्र. 3: क्या योजना के तहत लाभ सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है?
उत्तर: हाँ, अधिकांश वित्तीय सहायता एवं सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अनुसंधान और विकास योजना (NHDP-R&DS)लक्षित वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम है। सभी पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से समय पर अपना आवेदन सुनिश्चित करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को कोई शुल्क न दें।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the Ministry Of Textiles, भारत सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, handicrafts.nic.in, before you apply or pay.
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