थारू, बोक्सा एवं अन्य जनजाति की महिलाओं हेतु विशेष प्रोत्साहन योजना (प्रशिक्षण एवं विपणन हेतु) (SISWTBOTTM): लाभ राशि, पात्रता नियम, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: इस योजना का उद्देश्य विशेष प्रशिक्षण और विपणन अवसरों के माध्यम से आदिवासी महिला कारीगरों को सशक्त बनाना है और भाग लेने वाले कारीगरों के लिए यात्रा, रसद और स्टॉल किराए के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान सुनिश्चित करना है।
इस योजना का उद्देश्य विशेष प्रशिक्षण और विपणन अवसरों के माध्यम से आदिवासी महिला कारीगरों को सशक्त बनाना है और भाग लेने वाले कारीगरों के लिए यात्रा, रसद और स्टॉल किराए के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान सुनिश्चित करना है।
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- योजना का परिचय एवं उद्देश्य (Overview)
थारू, बोक्सा एवं अन्य जनजाति की महिलाओं हेतु विशेष प्रोत्साहन योजना (प्रशिक्षण एवं विपणन हेतु) (SISWTBOTTM)सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्यंत लाभकारी एवं जनकल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य लक्षित वर्ग को वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र नागरिकों को निर्धारित मानकों के अनुसार लाभ दिया जाता है। योजना का संपूर्ण संचालन Industry Department, उत्तराखंड सरकारद्वारा पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
2. मुख्य विशेषताएं एवं संक्षिप्त विवरण (Key Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | थारू, बोक्सा एवं अन्य जनजाति की महिलाओं हेतु विशेष प्रोत्साहन योजना (प्रशिक्षण एवं विपणन हेतु) (SISWTBOTTM) |
| प्रदाता विभाग / मंत्रालय | Industry Department, उत्तराखंड सरकार |
| योजना का स्तर | उत्तराखंड राज्य कल्याणकारी सरकारी योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | उत्तराखंड के पात्र निवासी |
| लाभ का प्रकार | प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता / अनुदान / कल्याणकारी लाभ (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) |
| आधिकारिक पोर्टल | uk.gov.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं वित्तीय सहायता (Benefits & Assistance)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- प्रशिक्षण प्रोत्साहनः
- थारू, बोक्सा और अन्य आदिवासी महिलाओं द्वारा पारंपरिक रूप से प्रचलित लोकप्रिय शिल्पों के साथ-साथ बाजार की मांग के आधार पर विभिन्न शिल्पों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम की अवधि दो महीने है, जिसमें प्रति माह अधिकतम 25 प्रशिक्षण दिन हैं। प्रत्येक प्रतिभागी प्रति दिन 5 घंटे का प्रशिक्षण लेता है, जिससे पूरे कार्यक्रम के लिए कुल 250 घंटे का प्रशिक्षण होता है।
- जिला स्तर पर आयोजित पारंपरिक मेलों, प्रदर्शनियों और जिला स्तर की हथकरघा प्रदर्शनियों में कारीगरों को प्राथमिकता दी जाती है।
- विपणन को बढ़ावा देने के लिए, भारत सरकार और राज्य सरकार विभिन्न कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और राज्य के भीतर और देश भर में समय-समय पर आयोजित होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों के दौरान कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए जगह प्रदान करती है।
- इन प्रदर्शनियों/मेलों में भाग लेने वाली महिलाओं के लिए न्यूनतम यात्रा किराया, अपने उत्पादों के परिवहन के लिए प्रति कारीगर 1,000 रुपये की अधिकतम ढुलाई, और स्टॉल का किराया सभी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता हैयोजना का मुख्य लक्ष्य लक्षित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके समग्र आर्थिक व सामाजिक विकास को गति देना है।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित प्रमुख शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- उत्तराखंड में शिल्प क्षेत्र में लगी थारू, बोक्सा और अन्य जनजातियों से संबंधित महिला कारीगर प्रशिक्षण और विपणन सहायता के लिए पात्र होंगी
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक अपात्र माने जा सकते हैं:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा लक्षित वर्ग की पात्रता मानदंड पूरे नहीं करते।
- गलत, भ्रामक अथवा जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- ऐसे व्यक्ति अथवा परिवार जो पहले से किसी समान केंद्रीय अथवा राज्य योजना के तहत पूर्ण वित्तीय अनुदान प्राप्त कर रहे हों।
- बैंक अथवा वित्तीय संस्थाओं द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए गए व्यक्ति।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- मूल निवास प्रमाण पत्र / स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
- सक्रिय बैंक पासबुक एवं पहचान प्रमाण
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (आधार लिंक, DBT भुगतान हेतु)
- आय प्रमाण पत्र (माता-पिता / आवेदक की वार्षिक आय का प्रमाण)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि विशेष आरक्षित वर्ग लाभ हेतु लागू हो)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ एवं मोबाइल नंबर> उपयोगी सुझाव: यदि आपके दस्तावेजों, पहचान पत्रों या फोटो की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
आवेदन पत्र महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र के कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं या विभागीय वेबसाइट https: से डाउनलोड किए जा सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ, आवेदकों को संबंधित जिले के महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगेः आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, मोबाइल नंबर, जाति प्रमाण पत्र, शिल्पकार होने का प्रमाण, और मेलों में प्रशिक्षण या भागीदारी का अनुरोध करने वाला आवेदन, या उद्योग कार्यालय के साथ पंजीकरण का प्रमाण पत्र।
चयन प्रक्रिया:
प्राप्त आवेदनों की समीक्षा जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक की अध्यक्षता वाली एक समिति द्वारा की जाती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर, उद्योग विभाग के निदेशक योग्य कारीगरों के चयन को मंजूरी देते हैं। अनुमोदन के बाद, चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण और मेलों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है। <बीआर>
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: uk.gov.in
- राष्ट्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा संबंधित नोडल कार्यालय से जानकारी लें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: थारू, बोक्सा एवं अन्य जनजाति की महिलाओं हेतु विशेष प्रोत्साहन योजना (प्रशिक्षण एवं विपणन हेतु) (SISWTBOTTM) का लाभ किन्हें मिल सकता है?
उत्तर: यह योजना मुख्य रूप से उत्तराखंड के पात्र निवासी के लिए संचालित है जो योजना के विहित दिशा-निर्देशों एवं पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
प्र. 2: थारू, बोक्सा एवं अन्य जनजाति की महिलाओं हेतु विशेष प्रोत्साहन योजना (प्रशिक्षण एवं विपणन हेतु) (SISWTBOTTM) के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
उत्तर: आवेदक आधिकारिक पोर्टल uk.gov.in अथवा संबंधित विभागीय कार्यालय / सीएससी (CSC) केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्र. 3: क्या योजना के तहत लाभ सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है?
उत्तर: हाँ, अधिकांश वित्तीय सहायता एवं सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
थारू, बोक्सा एवं अन्य जनजाति की महिलाओं हेतु विशेष प्रोत्साहन योजना (प्रशिक्षण एवं विपणन हेतु) (SISWTBOTTM)लक्षित वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम है। सभी पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से समय पर अपना आवेदन सुनिश्चित करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को कोई शुल्क न दें।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the Industry Department, उत्तराखंड सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, uk.gov.in, before you apply or pay.
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