राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अवसंरचना और प्रौद्योगिकी समर्थनः उर्बन हाट (NHDP-I&TS-UH): सब्सिडी राशि, पात्रता नियम, जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अवसंरचना और प्रौद्योगिकी समर्थनः उर्बन हाट (NHDP-I&TS-UH) कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित एक प्रमुख उद्यम एवं व्यवसाय संवर्धन योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य अखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक) के उद्यमियों, स्टार्टअप्स एवं व्यापारियों को नया उद्यम स्थापित करने अथवा व्यवसाय के विस्तार हेतु वित्तीय सहायता, पूंजीगत सब्सिडी व कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराना है। पात्र आवेदक आवश्यक दस्तावेजों के साथ आधिकारिक पोर्टल handicrafts.nic.in पर अथवा संबंधित विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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- योजना का संक्षिप्त परिचय (Scheme Overview)
हस्तशिल्प कारीगरों/हथकरघा बुनकरों को सीधे विपणन सुविधाएं प्रदान करने के लिए कस्बों/महानगरों में एक स्थायी विपणन अवसंरचना स्थापित करने के लिए "अवसंरचना और प्रौद्योगिकी समर्थनः शहरी हाट" योजना शुरू की गई है, जिससे वे अपने उत्पादों को व्यापक लक्षित दर्शकों तक बेच सकें।
भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा देश के नागरिकों, उद्यमियों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अवसंरचना और प्रौद्योगिकी समर्थनः उर्बन हाट (NHDP-I&TS-UH)को विशेष रूप से लागू किया गया है ताकि लक्षित वर्ग को समय पर आवश्यक आर्थिक एवं संस्थागत सहयोग मिल सके।
इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, अनुदान अथवा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होकर सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचता है।
2. योजना की मुख्य बातें एक नज़र में (Quick Highlights)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अवसंरचना और प्रौद्योगिकी समर्थनः उर्बन हाट (NHDP-I&TS-UH) |
| संचालक विभाग / मंत्रालय | कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार |
| योजना का स्तर | केंद्रीय व्यवसाय एवं स्वरोजगार योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | अखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक) |
| लाभ का प्रकार | वित्तीय अनुदान / ऋण सब्सिडी / व्यवसाय प्रोत्साहन (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) |
| आधिकारिक पोर्टल | handicrafts.nic.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं वित्तीय सहायता (Benefits & Assistance)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
कार्यान्वयन एजेंसियों के लिए वित्तीय सहायता और वित्त पोषण पैटर्नः शहरी हाट के लिए ₹ 8,00,00,000/- प्रति इकाई। वित्तपोषण विभाजनः ओ/ओ डी. सी. (एच. सी.) और डी. सी. (एच. एल.) प्रत्येक द्वारा 40 प्रतिशत; कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा 20 प्रतिशत।
- भूमि योगदान: 20 प्रतिशत योगदान के अलावा कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा प्रदान किया गया। विशेष क्षेत्र (एन. ई. आर., जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप): ओ./ओ. डी. सी. (एच. सी.) और डी. सी. (एच. एल.) प्रत्येक द्वारा 45 प्रतिशत; कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा 10 प्रतिशत।
- नवीनीकरण सहायता-ओ/ओ डी. सी. (हस्तशिल्प) और डी. सी. (हथकरघा) द्वारा वहन किए जाने वाले <आई. डी. 1 के साथ ₹ 2,50,00,000/- तक। नोट 1: आवश्यकता और व्यवहार्यता के आधार पर लघु शहरी हाटों के लिए भी सहायता दी जाएगी। वित्तीय सहायता आनुपातिक तरीके से स्टालों की संख्या, भूमि क्षेत्र और अन्य वितरण योग्य वस्तुओं पर आधारित होगी। पी. ए. एम. सी. में डी. सी. (एच. सी.), डी. सी. (एच. एल.) और आई. एफ. डब्ल्यू. का एक प्रतिनिधि होगा। वित्तीय सहायता की प्राप्ति पर, कार्यान्वयन एजेंसी के लिए निम्नलिखित देय राशि होगीः 1. 10x8 वर्ग किलोमीटर के 50-80 स्टालों का निर्माण। प्रत्येक फुट।
- महिलाओं और पुरुषों के लिए 2-2 शौचालय। न्यूनतम 100 लोगों के प्रावधान के साथ शिल्पकारों के लिए शयनकक्ष। फूड कोर्ट
- सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंडप/मंच
- स्टोर रूम
- बैठक/सम्मेलन कक्ष
- खरीददारों/पर्यटकों के लिए स्मारिका दुकान के लाभः खाद्य और शिल्प बाजार दिल्ली हाट की तर्ज पर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए अवकाश और मनोरंजक सुविधाएं प्रदान करेगा, जो पहले ही घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों/पर्यटकों के बीच एक प्रमुख स्थिति प्राप्त कर चुका है।
योजना का मुख्य लक्ष्य लक्षित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके समग्र आर्थिक विकास को गति देना है।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित प्रमुख शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- स्थानीय वैधानिक निकाय, शीर्ष सहकारी समितियाँ और राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष समितियाँ (सोसायटी अधिनियम/न्यास अधिनियम, आदि के तहत पंजीकृत)-ओ/ओ डी. सी. हस्तशिल्प द्वारा समर्थित निर्माता कंपनी।
- केवल उन कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ जिनका न्यूनतम लेखा परीक्षित वार्षिक कारोबार रु। पिछले लगातार तीन वर्षों में डेढ़ करोड़ रुपये बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पात्र होंगे। हालाँकि, यह प्रावधान केंद्र/राज्य सरकार की एजेंसियों के मामले में एक कार्यान्वयन एजेंसी (आई. ए.) के रूप में लागू नहीं होगा।
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक अपात्र माने जा सकते हैं:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा लक्षित वर्ग की पात्रता मानदंड पूरे नहीं करते।
- गलत, भ्रामक अथवा जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- ऐसे व्यक्ति अथवा संस्थान जो पहले से किसी समान केंद्रीय अथवा राज्य योजना के तहत पूर्ण वित्तीय अनुदान प्राप्त कर रहे हों।
- बैंक अथवा वित्तीय संस्थाओं द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए गए व्यक्ति।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड एवं पैन कार्ड (Aadhaar & PAN Card)
- मूल निवास प्रमाण पत्र / पहचान पत्र
- उद्यम / व्यवसाय का पंजीकरण प्रमाण पत्र (Udyam / MSME Registration)
- सक्रिय बैंक खाता विवरण एवं पासबुक (बैंक स्टेटमेंट)
- परियोजना रिपोर्ट / बिजनेस प्लान (DPR / Business Plan)
- जाति / श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि विशेष श्रेणी सब्सिडी हेतु लागू हो)
- किरायेदारी समझौता या व्यवसाय स्थल के स्वामित्व का प्रमाण
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ> उपयोगी सुझाव: यदि आपके दस्तावेजों, पहचान पत्रों या फोटो की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
कार्यान्वयन एजेंसियों के लिएः
- चरण 1: निर्धारितडाउनलोड करें।
- चरण 2: सभी आवश्यक स्व-सत्यापित सहायकसंलग्न करें।
- चरण 3: पूर्ण प्रस्ताव को हार्ड कॉपी में संबंधित हस्तशिल्प
- चरण 4: एच. एस. सी. सिफारिशों के साथ प्रस्ताव को मुख्यालय कार्यालय को भेजता है और क्षेत्रीय निदेशक, ओ/ओ. डी. सी. (एच. सी.) को एक प्रति भेजता है।
- चरण 5: सुनिश्चित करें कि प्रस्ताव की हार्ड कॉपी मुख्यालय कार्यालय, ओ/ओ डीसी (एचसी) तक पहुंचे। नोटः-बिना किसी निमंत्रण के पहले भेजे गए या ऊपर उल्लिखित समयसीमा/अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जाएगा।
- अनिवार्य संलग्नकों और प्रस्तावों के बिना अपूर्ण प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा जिनकी स्पष्ट रूप से अनुशंसा नहीं की जाती है और नियत तिथि के बाद प्राप्त होते हैं। कारीगरों के लिए चरण 1: ऑनलाइनडाउनलोड करें।
- चरण 2: सभी अनिवार्य विवरण भरेंः कार्यक्रम का प्रकार, आधार संख्या, कारीगर का नाम, फोटो, पहचान पत्र संख्या, जारी करने की तारीख, मान्यता, लिंग, श्रेणी, पिता/पति का नाम, पता, राज्य, जिला, पिन कोड, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, क्राफ्ट प्रैक्टिस, सब क्राफ्ट प्रैक्टिस।
- चरण 3: पिछले पांच वर्षों में उपस्थित पिछली हाट-बाजार-प्रदर्शनी से संबंधित आवश्यक (स्व-सत्यापित) दस्तावेज अपलोड करें; सहायता विवरण जो प्रदर्शनी में आपका समर्थन करेगा।
- चरण 4: 'घोषणा' बॉक्स की जाँच करें और 'जमा करें' पर क्लिक करें। आपको एक संदर्भ आईडी के साथ अपने पंजीकृत ईमेल आईडी/मोबाइल नंबर पर आवेदन को सफलतापूर्वक जमा करने की स्वीकृति मिल जाएगी।
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: handicrafts.nic.in
- राष्ट्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा संबंधित नोडल कार्यालय से जानकारी लें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: क्या राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अवसंरचना और प्रौद्योगिकी समर्थनः उर्बन हाट (NHDP-I&TS-UH) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हां, इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल handicrafts.nic.in अथवा संबंधित राज्य के उद्योग/उद्यमिता पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
प्र. 2: योजना के तहत सब्सिडी या वित्तीय सहायता का भुगतान कैसे होता है?
उत्तर: स्वीकृत वित्तीय सहायता अथवा सब्सिडी राशि सीधे आवेदक/उद्यमी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते अथवा संबंधित बैंक ऋण खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए जमा की जाती है।
प्र. 3: क्या आवेदन करने के लिए कोई आधिकारिक शुल्क लगता है?
उत्तर: नहीं, आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।
प्र. 4: आवेदन के बाद फॉर्म की स्थिति (Status) कैसे जांचें?
उत्तर: आप पोर्टल पर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल (Application ID एवं Password) अथवा पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए 'Track Application Status' पर जाकर अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति जांच सकते हैं।
प्र. 5: क्या नए और पुराने दोनों तरह के व्यवसाय इसके लिए पात्र हैं?
उत्तर: अधिकांश योजनाओं में नया उद्यम शुरू करने (Greenfield) और मौजूदा व्यवसाय के आधुनिकीकरण या विस्तार (Brownfield) दोनों के लिए निर्धारित शर्तों के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रमः अवसंरचना और प्रौद्योगिकी समर्थनः उर्बन हाट (NHDP-I&TS-UH)लक्षित वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम है। सभी पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से समय पर अपना आवेदन सुनिश्चित करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को कोई शुल्क न दें।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, handicrafts.nic.in, before you apply or pay.
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