कृषक दुर्लभ कल्याण योजना (KDKY): पात्रता, मिलने वाले लाभ, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: कृषक दुर्लभ कल्याण योजना (KDKY) कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एक प्रमुख जनकल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के पात्र निवासी को वित्तीय अनुदान, सामाजिक सुरक्षा, सब्सिडी एवं आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना है। पात्र आवेदक आवश्यक दस्तावेजों के साथ आधिकारिक पोर्टल bor.up.nic.in पर अथवा अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के जरिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
##
- योजना का संक्षिप्त परिचय (Scheme Overview)
सरकार किसी भी दुर्घटना के बाद किसानों को मुआवजा देगी।
भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा नागरिकों, किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में कृषक दुर्लभ कल्याण योजना (KDKY)को विशेष रूप से लागू किया गया है ताकि लक्षित वर्ग को बिना किसी कठिनाई के आधुनिक तकनीक, वित्तीय सुरक्षा, अनुदान और विकास के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और वास्तविक पात्र व्यक्ति को सीधे तौर पर लाभ प्राप्त होता है।
2. योजना की मुख्य बातें एक नज़र में (Quick Highlights)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | कृषक दुर्लभ कल्याण योजना (KDKY) |
| संचालक विभाग / मंत्रालय | कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| योजना का स्तर | उत्तर प्रदेश राज्य योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | उत्तर प्रदेश के पात्र निवासी |
| लाभ का प्रकार | प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ / सब्सिडी / सामाजिक सुरक्षा (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) एवं ऑफलाइन (CSC केंद्र) |
| आधिकारिक पोर्टल | bor.up.nic.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं सहायता राशि (Benefits & Subsidy)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
इस योजना में उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को निम्नलिखित राशि/वित्तीय सहायता या मुआवजे की राशि प्रदान करेगी यदि वे दुर्घटना के शिकार हैं-1. किसान के दोनों हाथ और पैर के नुकसान के लिए मुआवजा-5 लाख रुपये।
- 1 हाथ और 1 पैर के नुकसान की स्थिति में-5 लाख रुपये।
- एक पैर और एक हाथ की अक्षमता के मामले में-वित्तीय सहायता 2 से 3 लाख तक होती है।
- दुर्घटना में किसान की मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।
- अक्षमता के मामले में जो 25 प्रतिशत से अधिक लेकिन 50 प्रतिशत से कम है-सहायता 1 से 2 लाख के बीच है।
- दुर्घटना के कारण एक आंख के नुकसान के मामले में-5 लाख रुपये तक की सहायता। इन दुर्घटनाओं के पीड़ितों को सहायता दी जाएगीः किसानों को योजना के तहत लाभ मुआवजा प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा। इस योजना के तहत सरकार इन दुर्घटनाओं के पीड़ितों को लाभ प्रदान करेगी-1. पेड़ गिरने से होने वाली क्षति और/या मृत्यु पर
- भूस्खलन के कारण।
- यात्रा घटना।
- बिजली गिरने से।
- बाढ़ में बह जाना।
- पशु दंश।
- करंट लगने के कारण।
- आग में जलना।
- घर का पतन।
- आतंकवादी हमला।
- लड़ाई में दुर्घटना।
- कक्ष में गिरना।
- लूट में हत्या।
योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी पात्र नागरिक जरूरी सरकारी सुविधाओं, आजीविका के साधनों और जरूरी संसाधनों से वंचित न रहे।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित मुख्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- 14 सितंबर, 2019 के बाद दुर्घटना के शिकार हुए किसानों के परिवारों को भी योजना का लाभ मिल सकता है।
- आवेदक किसान की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- दुर्घटना में आवेदक किसान की मृत्यु के बाद उसके परिवार के माता-पिता, पत्नी, बहू, बेटे, बेटी, पोते और पोती को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- राज्य के वे किसान जिनके पास अपनी कृषि भूमि नहीं है और वे हिस्सेदारी या किराए पर खेती का काम करते हैं।
- उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ 60 प्रतिशत या उससे अधिक अक्षमता से पीड़ित किसान को दिया जाएगा।
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के निष्पक्ष क्रियान्वयन के लिए कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा क्षेत्र के स्थायी निवासी नहीं हैं।
- ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पहले से ही समान घटक अथवा योजना का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त कर लिया हो।
- अपूर्ण, अस्पष्ट अथवा गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- संस्थागत भूमिधारक अथवा अपात्र सरकारी सेवा वर्ग के व्यक्ति (योजना की शर्तों के अनुसार)।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile / Resident Certificate)
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (DBT भुगतान हेतु आधार से लिंक)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ
- जाति प्रमाण पत्र (SC / ST / OBC वर्ग के लाभार्थियों हेतु - यदि लागू हो)
- आय प्रमाण पत्र अथवा स्व-घोषणा पत्र (योजनानुसार)> उपयोगी सुझाव: यदि आपके पहचान पत्र, फोटो अथवा जमीन के अभिलेखों की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- आवेदकों को योजना की आधिकारिक वेबसाइट ई- [जिला. 1 पर जाना होगा। होम पेज पर पंजीकृत उपयोगकर्ता लॉगिन अनुभाग पर जाएं।
- अब किसानों को पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
- जो पहले से पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें नए उपयोगकर्ता पंजीकरण के विकल्प पर क्लिक करके पंजीकरण पूरा करने की आवश्यकता है।
- अब लॉग इन करें और कृषि विभाग माननीय मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना सहायता योजना के सेवा अनुभाग में आवेदन पत्र पर क्लिक करें।
- योजना से संबंधित आवेदन पत्र अगले पृष्ठ पर खुल जाएगा।
- उसमें गई सभी जानकारी भरें।
- जैसे-दुर्घटना पीड़ित का विवरण, दावेदार का पता और व्यवसाय, दुर्घटना का विवरण आदि।
- साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- अंत में, आवेदन पत्र जमा करें।
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: bor.up.nic.in
- केंद्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा शिकायत के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा अपने जिले के संबंधित विभागीय कार्यालय में संपर्क करें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: क्या कृषक दुर्लभ कल्याण योजना (KDKY) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हां, इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल bor.up.nic.in और नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC / ग्राम सुविधा केंद्र) दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
प्र. 2: योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान कैसे होता है?
उत्तर: स्वीकृत वित्तीय अनुदान अथवा सहायता राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली द्वारा स्थानांतरित की जाती है।
प्र. 3: क्या इस योजना में आवेदन करने के लिए कोई शुल्क देना होता है?
उत्तर: विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनलाइन आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है। यदि आप सीएससी (CSC) केंद्र से फॉर्म भरवाते हैं, तो केवल निर्धारित
- सेवा शुल्क ही देय होगा।
प्र. 4: आवेदन करने के बाद फॉर्म का स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) अथवा पंजीकृत आधार/मोबाइल नंबर के जरिए 'Track Application Status' विकल्प पर स्थिति जांच सकते हैं।
प्र. 5: यदि आवेदन फॉर्म में कोई गलती हो जाए तो क्या करें?
उत्तर: फॉर्म सबमिट करने से पूर्व सभी विवरण भली-भांति जांच लें। यदि सबमिशन के बाद त्रुटि पाई जाती है, तो पोर्टल पर उपलब्ध सुधार विकल्प अथवा संबंधित ब्लॉक/जिला कार्यालय से संपर्क कर संशोधन कराएं।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
कृषक दुर्लभ कल्याण योजना (KDKY)समाज के विकास और नागरिकों की आर्थिक मजबूती के लिए एक अत्यंत लाभकारी कदम है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट अथवा मान्यता प्राप्त जन सेवा केंद्रों के माध्यम से ही करें। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति अथवा एजेंट के झूठे वादों में न आएं।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, bor.up.nic.in, before you apply or pay.
Related guides
- मत्स्य पालन के लिए अनुसूचित जातियों को सहायता-गुजरात में झींगे के बीज का भंडारण (ASCFPSSGUJ)इस योजना का उद्देश्य जलाशयों में मछली पालकर मछली उत्पादन बढ़ाना और अंतर्देशीय मत्स्य गतिविधियों
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना-तमिलनाडु (IGNOAPSTN)'इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना' तमिलनाडु सरकार के समाज कल्याण और महिला सशक्तिक
- अपंजीकृत श्रमिकों को राहत (RTTUW)"अपंजीकृत श्रमिकों को राहत" योजना तेलंगाना भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड, एलईटी एंड ए
- सैनिक स्कूल चिंगछिप, मिजोरम की छात्रवृत्ति योजना (SSSSCM)इस योजना का उद्देश्य मिजोरम अधिवास के योग्य लड़कों को वित्तीय छात्रवृत्ति प्रदान करना है जो सैन
- लघु व्यवसाय योजना (LVSH)"लघु व्यवसाय योजना" हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम, हरियाणा सरकार की एक आर्थिक सशक्त
- पश्चिम बंगाल हथकरघा और खादी बुनकर वित्तीय लाभ योजना 2024: पीडब्ल्यूसीएस के एनपीए खातों के एकमुश्त निपटान (ओटीएस) के लिए समर्थन (OTSNPA)"पीडब्ल्यूसीएस के एनपीए खातों के एकमुश्त निपटान (ओटीएस) के लिए समर्थन" एमएसएमई और कपड़ा विभाग,
- दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम-स्टे) विकास योजना (DDUGAVY)इस योजना का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को होमस्टे सुविधाओं को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर
- छत्रों के लिए प्रोत्साहन राशि (CKLPR)लड़कियों को कृषि विषय का अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करने और आर्थिक रूप से वंचित छात्रों को
- EWS CertificateCourse guide
- IGRSUPCourse guide
- UP BhulekhCourse guide
This guide is general information compiled by Pratiyogita Kosh. It does not quote fees, stamp duty rates or dates, because they change by order and by year. Confirm all details on the official portal before you act. We are not a government body, we are not affiliated with any department mentioned, and we do not issue certificates or process applications. Beware of agents who ask for money to "speed up" a government service. Sources and review information · Report a correction.

