अवसंरचना और प्रौद्योगिकी सहायता (IATS): लाभ राशि, पात्रता नियम, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: उप-योजना "अवसंरचना और प्रौद्योगिकी सहायता" का उद्देश्य देश में हस्तशिल्प उत्पादन का समर्थन करने, उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाने और लागत को कम करने के लिए विश्व स्तरीय अवसंरचना विकसित करना है ताकि यह वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सके।
उप-योजना "अवसंरचना और प्रौद्योगिकी सहायता" का उद्देश्य देश में हस्तशिल्प उत्पादन का समर्थन करने, उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाने और लागत को कम करने के लिए विश्व स्तरीय अवसंरचना विकसित करना है ताकि यह वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सके।
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- योजना का परिचय एवं उद्देश्य (Overview)
अवसंरचना और प्रौद्योगिकी सहायता (IATS)सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्यंत लाभकारी एवं जनकल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य लक्षित वर्ग को वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र नागरिकों को निर्धारित मानकों के अनुसार लाभ दिया जाता है। योजना का संपूर्ण संचालन Ministry Of Textiles, भारत सरकारद्वारा पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
2. मुख्य विशेषताएं एवं संक्षिप्त विवरण (Key Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | अवसंरचना और प्रौद्योगिकी सहायता (IATS) |
| प्रदाता विभाग / मंत्रालय | Ministry Of Textiles, भारत सरकार |
| योजना का स्तर | केंद्रीय परिवहन एवं अवसंरचना सहायता |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | अखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक) |
| लाभ का प्रकार | वाहन सब्सिडी / परमिट छूट / रियायती परिवहन सुविधा |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) |
| आधिकारिक पोर्टल | handicrafts.nic.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं वित्तीय सहायता (Benefits & Assistance)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
वित्तीय सहायता और वित्त पोषण पैटर्नः शहरी हाट के लिए 80 स्टालों के लिए प्रत्येक इकाई के लिए अधिकतम 800 लाख रुपये की वित्तीय सीमा है-स्वीकार्य राशि का 40 प्रतिशत डीसी (एच) और डीसी (एच) प्रत्येक द्वारा वहन किया जाएगा और 20 प्रतिशत राज्य कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा योगदान किया जाएगा।
- भूमि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी और कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा 20 प्रतिशत योगदान से अधिक होगी।
- एनईआर, जम्मू और जम्मू के मामले में। कश्मीर, लद्दाख-स्वीकार्य राशि का 45 प्रतिशत डीसी (एचसी) और डीसी (एचएल) प्रत्येक द्वारा वहन किया जाएगा और 10 प्रतिशत का योगदान कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
- मौजूदा शहरी हाटों के सुदृढ़ीकरण/नवीनीकरण के लिए भी सहायता दी जाएगी, बशर्ते अधिकतम 250 लाख रुपये की वित्तीय सीमा हो (90 प्रतिशत सहायता डीसी (हस्तशिल्प) के कार्यालय द्वारा वहन की जाएगी। डी. सी. (एच. एल.) और राज्य द्वारा 10 प्रतिशत। नोट-वित्तीय सहायता स्टालों की संख्या, भूमि क्षेत्र और आधार पर होगी। आनुपातिक तरीकासँ आन वितरण योग्य। पी. ए. एम. सी. में डी. सी. (एच. सी.), ए. डी. सी. (एच. सी.), ए. डी. सी. (एच. एल.), आई. एफ. डब्ल्यू. के प्रतिनिधि और राज्य कार्यान्वयन एजेंसी के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
योजना का मुख्य लक्ष्य लक्षित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके समग्र आर्थिक व सामाजिक विकास को गति देना है।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित प्रमुख शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- पात्र स्थानीय वैधानिक निकाय, शीर्ष सहकारी समितियाँ, और राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष समितियाँ (सोसायटी अधिनियम/न्यास अधिनियम, आदि के तहत पंजीकृत)-ओ/ओ डी. सी. हस्तशिल्प द्वारा समर्थित निर्माता कंपनी।
- केवल उन कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ जिनका न्यूनतम लेखा परीक्षित वार्षिक कारोबार रु। पिछले लगातार तीन वर्षों में डेढ़ करोड़ रुपये बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पात्र होंगे। हालाँकि, यह प्रावधान केंद्र/राज्य या राज्य सरकार की एजेंसियों के मामले में एक कार्यान्वयन एजेंसी (आई. ए.) के रूप में लागू नहीं होगा।
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक अपात्र माने जा सकते हैं:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा लक्षित वर्ग की पात्रता मानदंड पूरे नहीं करते।
- गलत, भ्रामक अथवा जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- ऐसे व्यक्ति अथवा परिवार जो पहले से किसी समान केंद्रीय अथवा राज्य योजना के तहत पूर्ण वित्तीय अनुदान प्राप्त कर रहे हों।
- बैंक अथवा वित्तीय संस्थाओं द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए गए व्यक्ति।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- मूल निवास प्रमाण पत्र / स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License)
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (आधार लिंक, DBT भुगतान हेतु)
- आय प्रमाण पत्र (माता-पिता / आवेदक की वार्षिक आय का प्रमाण)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि विशेष आरक्षित वर्ग लाभ हेतु लागू हो)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ एवं मोबाइल नंबर> उपयोगी सुझाव: यदि आपके दस्तावेजों, पहचान पत्रों या फोटो की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
कार्यान्वयन एजेंसियों के लिए: प्रस्ताव आधिकारिक वेबसाइट पर विज्ञापन के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे। निर्धारितमें प्रस्तावों के साथ-साथ हार्ड कॉपी में सभी (स्व-सत्यापित) सहायकसंबंधित हस्तशिल्प, O/o डीसी (HC) तक समय पर पहुंचना चाहिए।
- बिना किसी निमंत्रण के पहले भेजे गए या ऊपर उल्लिखित समयसीमा/अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जाएगा। नोट 2: अनिवार्य घेरों और प्रस्तावों के बिना अपूर्ण प्रस्ताव जो स्पष्ट रूप से अनुशंसित नहीं हैं और नियत तिथि के बाद प्राप्त नहीं हुए हैं, उन पर विचार नहीं किया जाएगा।## 8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: handicrafts.nic.in
- राष्ट्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा संबंधित नोडल कार्यालय से जानकारी लें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: अवसंरचना और प्रौद्योगिकी सहायता (IATS) का लाभ किन्हें मिल सकता है?
उत्तर: यह योजना मुख्य रूप से अखिल भारतीय (सभी राज्यों के नागरिक) के लिए संचालित है जो योजना के विहित दिशा-निर्देशों एवं पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
प्र. 2: अवसंरचना और प्रौद्योगिकी सहायता (IATS) के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
उत्तर: आवेदक आधिकारिक पोर्टल handicrafts.nic.in अथवा संबंधित विभागीय कार्यालय / सीएससी (CSC) केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्र. 3: क्या योजना के तहत लाभ सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है?
उत्तर: हाँ, अधिकांश वित्तीय सहायता एवं सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
अवसंरचना और प्रौद्योगिकी सहायता (IATS)लक्षित वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम है। सभी पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से समय पर अपना आवेदन सुनिश्चित करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को कोई शुल्क न दें।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the Ministry Of Textiles, भारत सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, handicrafts.nic.in, before you apply or pay.
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