गौरा शक्ति योजना (GSY): लाभ राशि, पात्रता नियम, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों को रोकना और किसी भी घटना के मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके तहत पुलिस थानों में महिला डेस्क, जिला स्तर पर महिला सुरक्षा हेल्प लाइन और परामर्श प्रकोष्ठ और राज्य महिला सुरक्षा हेल्प लाइन के साथ तीन स्तरीय सहायता प्रणाली स्थापित की गई है।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों को रोकना और किसी भी घटना के मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके तहत पुलिस थानों में महिला डेस्क, जिला स्तर पर महिला सुरक्षा हेल्प लाइन और परामर्श प्रकोष्ठ और राज्य महिला सुरक्षा हेल्प लाइन के साथ तीन स्तरीय सहायता प्रणाली स्थापित की गई है।
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- योजना का परिचय एवं उद्देश्य (Overview)
गौरा शक्ति योजना (GSY)सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्यंत लाभकारी एवं जनकल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य लक्षित वर्ग को वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र नागरिकों को निर्धारित मानकों के अनुसार लाभ दिया जाता है। योजना का संपूर्ण संचालन Department of Home, उत्तराखंड सरकारद्वारा पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
2. मुख्य विशेषताएं एवं संक्षिप्त विवरण (Key Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | गौरा शक्ति योजना (GSY) |
| प्रदाता विभाग / मंत्रालय | Department of Home, उत्तराखंड सरकार |
| योजना का स्तर | उत्तराखंड राज्य कल्याणकारी सरकारी योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | उत्तराखंड के पात्र निवासी |
| लाभ का प्रकार | प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता / अनुदान / कल्याणकारी लाभ (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) |
| आधिकारिक पोर्टल | uk.gov.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं वित्तीय सहायता (Benefits & Assistance)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
इस योजना के तहत महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड पुलिस द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैंः
- प्रत्येक पुलिस थाने में महिला सहायता डेस्क के तहत एक त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यू. आर. टी.) का गठन किया गया है। पुलिस स्टेशन में महिलाओं से संबंधित शिकायत मिलने पर, क्यू. आर. टी. तुरंत मौके पर पहुंचती है और पीड़ित को हर संभव सहायता प्रदान करते हुए पहले उत्तरदाता के रूप में कार्य करती है।
- महिलाओं के खिलाफ अपराधों के संबंध में हॉट स्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। ऐसे हॉटस्पॉट में सीसीटीवी कैमरे/लाइट लगाए जा रहे हैं और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
- चीता, महिला चीता और सीपीयू टीमों द्वारा नियमित गश्त स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के खुलने और बंद होने के घंटों के दौरान की जाती है।
- महिला हेल्प डेस्क प्रभारी और चार कांस्टेबलों की एक टीम का गठन किया गया है, जिसका नाम "टीम गौरा" है। टीम नियमित रूप से छात्रों को सुरक्षा, नशीली दवाओं, यातायात नियमों, साइबर अपराध आदि के बारे में शिक्षित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है। इस पहल को मजबूत करने के लिए मुख्यालय से जिलों में लगभग 3,000 जागरूकता पुस्तिकाएं वितरित की गई हैं।
- 20 से 22 फरवरी 2023 तक, सभी जिलों से टीम गौरा में नियुक्त कुल 35 महिला कर्मियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षक पाठ्यक्रम (स्तर-1) प्रशिक्षण प्रदान किया गया। निरंतरता में, इन कर्मियों को स्तर-2 प्रशिक्षण प्रदान करने की प्रक्रिया चल रही है। ये प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी बालिकाओं को आत्मरक्षा तकनीक सिखाने के लिए जिलों के स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं
योजना का मुख्य लक्ष्य लक्षित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके समग्र आर्थिक व सामाजिक विकास को गति देना है।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित प्रमुख शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- राज्य की महिलाएँ और लड़कियाँ इस योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के पात्र हैं
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक अपात्र माने जा सकते हैं:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा लक्षित वर्ग की पात्रता मानदंड पूरे नहीं करते।
- गलत, भ्रामक अथवा जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- ऐसे व्यक्ति अथवा परिवार जो पहले से किसी समान केंद्रीय अथवा राज्य योजना के तहत पूर्ण वित्तीय अनुदान प्राप्त कर रहे हों।
- बैंक अथवा वित्तीय संस्थाओं द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए गए व्यक्ति।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- मूल निवास प्रमाण पत्र / स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
- सक्रिय बैंक पासबुक एवं पहचान प्रमाण
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (आधार लिंक, DBT भुगतान हेतु)
- आय प्रमाण पत्र (माता-पिता / आवेदक की वार्षिक आय का प्रमाण)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि विशेष आरक्षित वर्ग लाभ हेतु लागू हो)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ एवं मोबाइल नंबर> उपयोगी सुझाव: यदि आपके दस्तावेजों, पहचान पत्रों या फोटो की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
महिलाओं की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के त्वरित निवारण को ध्यान में रखते हुए, उत्तराखंड पुलिस ऐप के तहत "गौरा शक्ति मॉड्यूल" विकसित किया गया है। पंजीकरण के बाद, पंजीकृत व्यक्ति संबंधित पुलिस स्टेशन की नामित महिला पुलिस अधिकारी के साथ सीधे आमने-सामने संपर्क में रहता है। प्रभावी कार्यान्वयन के लिए, एक विस्तृत एस. ओ. पी. तैयार की गई है, और सभी संबंधित अधिकारियों को मुख्यालय स्तर पर प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा, सभी पुलिस थानों में महिला हेल्प डेस्क के प्रभारियों को एक अलग मोबाइल नंबर आवंटित किया गया है। इस ऐप के माध्यम से महिलाएं भी आसानी से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं। 24×7 सुलभता सुनिश्चित करने के लिए, पुलिस विभाग ने महिलाओं/लड़कियों के खिलाफ अपराधों की रिपोर्ट करने या शिकायत दर्ज करने के लिए निम्नलिखित मंच उपलब्ध कराए हैंः
- 112 पर कॉल करें-प्रशिक्षित महिला पुलिस कर्मियों के साथ जो चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं।
- पुलिस मुख्यालय में वॉट्सऐप नंबर-9411112780 1। हर पुलिस स्टेशन में "महिला सहायता डेस्क"।
- उत्तराखंड पुलिस ऐप-"गौरा शक्ति मॉड्यूल"/एस. ओ. एस. सुविधा
- पुलिस स्टेशन/चौकी राज्य के प्रत्येक पुलिस स्टेशन को महिलाओं के लिए अधिक अनुकूल बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक पुलिस स्टेशन में कम से कम एक महिला सब-इंस्पेक्टर और चार महिला कांस्टेबल तैनात किए गए हैं।
- उत्तराखंड पुलिस अपराध पीड़ित सहायता योजना, 2013 के तहत नियमों के अनुसार मुआवजे की राशि का भुगतान भी सुनिश्चित करती है। इसके अलावा, उत्तराखंड अपराध और अन्य अपराध पीड़ित/उत्तरजीवी महिला मुआवजा योजना, 2020 महिला पीड़ितों के लिए लागू की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को दोनों योजनाओं के तहत मुआवजा प्राप्त करने में अपराध पीड़ितों की सहायता करने और आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया गया है।
- महिलाओं से जुड़े मामलों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच विशेष रूप से महिला अधिकारियों द्वारा की जाती है। गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने के लिए, मुख्यालय द्वारा विस्तृत एस. ओ. पी. और निर्देशों वाली एक पुस्तिका जारी की गई है और सभी महिला जांचकर्ताओं को वितरित की गई है। ऐसे मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह के लिए, जिलों को आवश्यकतानुसार आक्रमण साक्ष्य संग्रह (एस. ए. ई. सी.) किट प्रदान किए जा रहे हैं।
- पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटारा किया जा रहा है। आई. टी. एस. एस. ओ. पोर्टल के अनुसार, दो महीने के भीतर ऐसे मामलों के समय पर निपटारे में उत्तराखंड राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर है।
- किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में एक विशेष किशोर पुलिस इकाई (एस. जे. पी. यू.) का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक पुलिस थाने में एक बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (सी. डब्ल्यू. पी. ओ.) नियुक्त किया गया है। हर जिले में बच्चों के अनुकूल पुलिस स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: uk.gov.in
- राष्ट्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा संबंधित नोडल कार्यालय से जानकारी लें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: गौरा शक्ति योजना (GSY) का लाभ किन्हें मिल सकता है?
उत्तर: यह योजना मुख्य रूप से उत्तराखंड के पात्र निवासी के लिए संचालित है जो योजना के विहित दिशा-निर्देशों एवं पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
प्र. 2: गौरा शक्ति योजना (GSY) के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
उत्तर: आवेदक आधिकारिक पोर्टल uk.gov.in अथवा संबंधित विभागीय कार्यालय / सीएससी (CSC) केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्र. 3: क्या योजना के तहत लाभ सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है?
उत्तर: हाँ, अधिकांश वित्तीय सहायता एवं सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
गौरा शक्ति योजना (GSY)लक्षित वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम है। सभी पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से समय पर अपना आवेदन सुनिश्चित करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को कोई शुल्क न दें।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the Department of Home, उत्तराखंड सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, uk.gov.in, before you apply or pay.
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