"समुद्री मत्स्य पालन के विकास के लिए सब्सिडी घटकों को प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता" के तहत "यंत्रीकृत नौकाओं को फिर से सक्रिय करने के लिए वित्तीय अनुदान" (FGRMB-FAASCDMF): पात्रता, मिलने वाले लाभ, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: "समुद्री मत्स्य पालन के विकास के लिए सब्सिडी घटकों को प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता" के तहत "यंत्रीकृत नौकाओं को फिर से सक्रिय करने के लिए वित्तीय अनुदान" (FGRMB-FAASCDMF) मत्स्य पालन विभाग, पुडुचेरी सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य पुडुचेरी के पात्र निवासी को आर्थिक सहयोग, सब्सिडी एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। पात्र आवेदक सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आधिकारिक पोर्टल fisheries.py.gov.in पर ऑनलाइन अथवा अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
##
- योजना का संक्षिप्त परिचय (Scheme Overview)
"यंत्रीकृत नौकाओं के पुनः सक्रियण के लिए वित्तीय अनुदान" योजना पुडुचेरी सरकार द्वारा लकड़ी/इस्पात यंत्रीकृत नौकाओं के पुनः सक्रियण के लिए वित्तीय अनुदान का विस्तार करके समुद्री मछली उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण कामगारों के उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में समुद्री मत्स्य पालन के विकास के लिए सब्सिडी घटकों को प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता" के तहत "यंत्रीकृत नौकाओं को फिर से सक्रिय करने के लिए वित्तीय अनुदान" (FGRMB-FAASCDMF)को विशेष रूप से लागू किया गया है ताकि लक्षित वर्ग को बिना किसी कठिनाई के आधुनिक तकनीक, उपकरण, वित्तीय सुरक्षा और विकास के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और वास्तविक पात्र व्यक्ति को सीधे तौर पर लाभ प्राप्त होता है।
2. योजना की मुख्य बातें एक नज़र में (Quick Highlights)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | "समुद्री मत्स्य पालन के विकास के लिए सब्सिडी घटकों को प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता" के तहत "यंत्रीकृत नौकाओं को फिर से सक्रिय करने के लिए वित्तीय अनुदान" (FGRMB-FAASCDMF) |
| संचालक विभाग / मंत्रालय | मत्स्य पालन विभाग, पुडुचेरी सरकार |
| योजना का स्तर | पुडुचेरी राज्य योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | पुडुचेरी के पात्र निवासी |
| लाभ का प्रकार | प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ / सब्सिडी / तकनीकी सहायता (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) एवं ऑफलाइन (CSC केंद्र) |
| आधिकारिक पोर्टल | fisheries.py.gov.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं सहायता राशि (Benefits & Subsidy)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
पंजीकृत लकड़ी/इस्पात यंत्रीकृत नाव को फिर से सक्रिय करने के लिए वित्तीय अनुदान प्रति नाव 10,000 रुपये और पंजीकृत फाइबर-प्रबलित प्लास्टिक यंत्रीकृत नाव के लिए 5,000 रुपये दिया जाएगा
योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी पात्र नागरिक आधुनिक कृषि पद्धतियों, आजीविका के साधनों और जरूरी संसाधनों से वंचित न रहे।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित मुख्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
आवेदक या तो मछुआरा समुदाय से संबंधित होना चाहिए या पूर्णकालिक आधार पर मछली पकड़ने/मछली के व्यापार के व्यवसाय में पेशेवर रूप से लगे लोगों में से एक होना चाहिए/संभावित उद्यमी।
- आवेदक को सब्सिडी/अनुदान बढ़ाने के लिए आवेदन करते समय केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कम से कम पांच साल की निरंतर अवधि के लिए रहना चाहिए।
- आवेदक को मछुआरा सहकारी समिति के सदस्य के रूप में नामांकित किया गया होना चाहिए और उसकी आयु 23 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- आवेदक को विभाग द्वारा जारी वृद्धावस्था पेंशन का प्राप्तकर्ता नहीं होना चाहिए।
- आवेदक को सरकारी/सरकारी उपक्रमों/मछुआरा सहकारी समिति में कार्यरत नहीं होना चाहिए।
- आवेदक को विभाग/मछुआरा सहकारी समिति को भुगतान करने के लिए कोई बकाया नहीं होना चाहिए।
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के निष्पक्ष क्रियान्वयन के लिए कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा क्षेत्र के स्थायी निवासी नहीं हैं।
- ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पहले से ही समान घटक अथवा योजना का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त कर लिया हो।
- अपूर्ण, अस्पष्ट अथवा गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- संस्थागत भूमिधारक अथवा अपात्र सरकारी सेवा वर्ग के व्यक्ति (योजना की शर्तों के अनुसार)।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile / Resident Certificate)
- जमीन के दस्तावेज (खसरा, खतौनी, 7/12 अथवा पट्टा - जहाँ लागू हो)
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (DBT भुगतान हेतु आधार से लिंक)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ
- जाति प्रमाण पत्र (SC / ST / OBC वर्ग के लाभार्थियों हेतु)
- आय प्रमाण पत्र अथवा स्व-घोषणा पत्र (योजनानुसार)> उपयोगी सुझाव: यदि आपके पहचान पत्र, फोटो अथवा जमीन के अभिलेखों की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- चरण 1: इच्छुक आवेदक को मत्स्य पालन और मछुआरा कल्याण विभाग के कार्यालय/ [उप-कार्यालयपर जाना चाहिए।
- चरण 1: इच्छुक आवेदक को संबंधित प्राधिकारी से आवेदन पत्र की निर्धारित [प्रारूपकी हार्ड कॉपी का अनुरोध करना चाहिए।
- चरण 2: आवेदन पत्र में, सभी अनिवार्य फ़ील्ड भरें, पासपोर्ट आकार की तस्वीर चिपकाएं (यदि आवश्यक हो तो हस्ताक्षरित), और सभी अनिवार्य दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न करें (यदि आवश्यक हो तो स्व-सत्यापन)।
- चरण 3: दस्तावेजों के साथ विधिवत भरे हुए और हस्ताक्षरित आवेदन पत्र को संबंधित प्राधिकारी को जमा करें।
- चरण 4: संबंधित प्राधिकारी से रसीद या पावती का अनुरोध करें जिसे आवेदन जमा किया गया है। सुनिश्चित करें कि रसीद में आवश्यक विवरण जैसे जमा करने की तारीख और समय और एक विशिष्ट पहचान संख्या (यदि लागू हो) हो।
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: fisheries.py.gov.in
- केंद्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा शिकायत के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा अपने जिले के संबंधित उपनिदेशक / कृषि अधिकारी कार्यालय में संपर्क करें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: क्या "समुद्री मत्स्य पालन के विकास के लिए सब्सिडी घटकों को प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता" के तहत "यंत्रीकृत नौकाओं को फिर से सक्रिय करने के लिए वित्तीय अनुदान" (FGRMB-FAASCDMF) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हां, इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल fisheries.py.gov.in और नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC / ग्राम सुविधा केंद्र) दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
प्र. 2: योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान कैसे होता है?
उत्तर: स्वीकृत वित्तीय अनुदान अथवा सहायता राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली द्वारा स्थानांतरित की जाती है।
प्र. 3: क्या इस योजना में आवेदन करने के लिए कोई शुल्क देना होता है?
उत्तर: विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनलाइन आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है। यदि आप सीएससी (CSC) केंद्र से फॉर्म भरवाते हैं, तो केवल निर्धारित
- सेवा शुल्क ही देय होगा।
प्र. 4: आवेदन करने के बाद फॉर्म का स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) अथवा पंजीकृत आधार/मोबाइल नंबर के जरिए 'Track Application Status' विकल्प पर स्थिति जांच सकते हैं।
प्र. 5: यदि आवेदन फॉर्म में कोई गलती हो जाए तो क्या करें?
उत्तर: फॉर्म सबमिट करने से पूर्व सभी विवरण भली-भांति जांच लें। यदि सबमिशन के बाद त्रुटि पाई जाती है, तो पोर्टल पर उपलब्ध सुधार विकल्प अथवा संबंधित ब्लॉक/जिला कार्यालय से संपर्क कर संशोधन कराएं।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
समुद्री मत्स्य पालन के विकास के लिए सब्सिडी घटकों को प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता" के तहत "यंत्रीकृत नौकाओं को फिर से सक्रिय करने के लिए वित्तीय अनुदान" (FGRMB-FAASCDMF)ग्रामीण क्षेत्र के विकास और लाभार्थियों की आर्थिक मजबूती के लिए एक अत्यंत लाभकारी कदम है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट अथवा मान्यता प्राप्त जन सेवा केंद्रों के माध्यम से ही करें। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति अथवा एजेंट के झूठे वादों में न आएं।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the मत्स्य पालन विभाग, पुडुचेरी सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, fisheries.py.gov.in, before you apply or pay.
Related guides
- लाभार्थी की मृत्यु/अक्षमता पर वित्तीय सहायता (सी. बी. ओ. सी. डब्ल्यू. डब्ल्यू. बी.)इस योजना के तहत दुर्घटना के कारण पूर्ण या 50 प्रतिशत अक्षमता वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को व
- Coaching of Sahariya Boys & Girls for Competition Examination of Government Services (CSBGCEGS)The scheme aims to help Sahariya boys and girls prepare for government recruitment examinations
- स्व-नियोजित योजना के लिए गोवा राज्य 25 प्रतिशत अनुदान (GS2SSES)इस योजना का उद्देश्य गोवा में स्व-रोजगार को बढ़ावा देना और अचल परिसंपत्तियों के निर्माण को प्रो
- Mukhya Mantri Yuva Udyami Vikas Abhiyan (CM-YUVA) (MMYUVA)The scheme aims to connect skilled young people with self-employment by establishing production
- पत्रकार कृतज्ञानता निधि योजना (पत्रकार परोपकारी निधि) (PKNSJBF)इस योजना का उद्देश्य गोवा में पत्रकारों को चिकित्सा उपचार, विवाह और शिक्षा जैसी आपात स्थितियों
- उन्हें कुक्कुट पालन योजना (HKPY)हिमाचल प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा राज्य में मुर्गी पालन में रुचि रखने वाले उद्यमियों/
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (पंजाब) (IGNOAPSP)इस योजना में 60 से 79 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को प्रति माह ₹200/- की पेंशन मिलती है, जबकि 80
- मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतर्राष्ट्रीय विवाह शगुन योजनायह योजना अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा अंतर-जातीय विवाहों को
- EWS CertificateCourse guide
- IGRSUPCourse guide
- UP BhulekhCourse guide
This guide is general information compiled by Pratiyogita Kosh. It does not quote fees, stamp duty rates or dates, because they change by order and by year. Confirm all details on the official portal before you act. We are not a government body, we are not affiliated with any department mentioned, and we do not issue certificates or process applications. Beware of agents who ask for money to "speed up" a government service. Sources and review information · Report a correction.

