वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली हाथियों के हमलों के कारण घरों को हुए नुकसान के लिए सहायता (ADHWEA): लाभ राशि, पात्रता नियम, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: इस योजना का उद्देश्य उत्तराखंड के उन निवासियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है जिनके घर, चारदीवारी, झोपड़ियां या कच्चे ढांचे जंगली हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए हैं।
इस योजना का उद्देश्य उत्तराखंड के उन निवासियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है जिनके घर, चारदीवारी, झोपड़ियां या कच्चे ढांचे जंगली हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त किए गए हैं।
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- योजना का परिचय एवं उद्देश्य (Overview)
वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली हाथियों के हमलों के कारण घरों को हुए नुकसान के लिए सहायता (ADHWEA)सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्यंत लाभकारी एवं जनकल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य लक्षित वर्ग को वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र नागरिकों को निर्धारित मानकों के अनुसार लाभ दिया जाता है। योजना का संपूर्ण संचालन Uttarakhand Forest Department, उत्तराखंड सरकारद्वारा पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
2. मुख्य विशेषताएं एवं संक्षिप्त विवरण (Key Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली हाथियों के हमलों के कारण घरों को हुए नुकसान के लिए सहायता (ADHWEA) |
| प्रदाता विभाग / मंत्रालय | Uttarakhand Forest Department, उत्तराखंड सरकार |
| योजना का स्तर | उत्तराखंड राज्य आवास एवं पुनर्वास योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | उत्तराखंड के पात्र निवासी |
| लाभ का प्रकार | पक्का मकान निर्माण अनुदान / ब्याज सब्सिडी / पुनर्वास सहायता |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) |
| आधिकारिक पोर्टल | uk.gov.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं वित्तीय सहायता (Benefits & Assistance)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
वर्तमान में, जंगली हाथियों के कारण घर को नुकसान होने की स्थिति में निम्नलिखित मुआवजे की राशि प्रदान की जाती है: घर का प्रकार (ए) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त/नष्ट घरकुल देय राशि (प्रति घर रुपये में) राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष का हिस्सा (प्रति घर रुपये में)मानव वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण कोष का हिस्सा (प्रति घर रुपये में) कच्चा घर/पक्का घर (पूरी तरह से क्षतिग्रस्त) (i) कच्चा घर (ii) पक्का घर (आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त) कच्चा घर (आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त) ₹95,000/-
- कच्चा घर (आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त) कच्चा घर (आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त) ₹20,000/--------------------------------------- - झूंपड़ी के अलावा) जहां नुकसान कम से कम 15 प्रतिशत है-3,200/- 3,200/
- झूंपड़ी या पुआल से बने घर को नुकसान होने की स्थिति में-क्षतिग्रस्त/नष्ट झूंपड़ी-4,100/- 900/
- योजना का मुख्य लक्ष्य लक्षित वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके समग्र आर्थिक व सामाजिक विकास को गति देना है।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित प्रमुख शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- आवेदक उत्तराखंड का निवासी होना चाहिए।
- उत्तराखंड के वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली हाथियों द्वारा घरों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा प्रदान किया जाता है
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक अपात्र माने जा सकते हैं:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा लक्षित वर्ग की पात्रता मानदंड पूरे नहीं करते।
- गलत, भ्रामक अथवा जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- ऐसे व्यक्ति अथवा परिवार जो पहले से किसी समान केंद्रीय अथवा राज्य योजना के तहत पूर्ण वित्तीय अनुदान प्राप्त कर रहे हों।
- बैंक अथवा वित्तीय संस्थाओं द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए गए व्यक्ति।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- मूल निवास प्रमाण पत्र / स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
- भूमि स्वामित्व / पट्टा प्रमाण पत्र या आवासहीनता प्रमाण
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (आधार लिंक, DBT भुगतान हेतु)
- आय प्रमाण पत्र (माता-पिता / आवेदक की वार्षिक आय का प्रमाण)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि विशेष आरक्षित वर्ग लाभ हेतु लागू हो)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ एवं मोबाइल नंबर> उपयोगी सुझाव: यदि आपके दस्तावेजों, पहचान पत्रों या फोटो की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- जंगली हाथियों के हमले से घर को नुकसान होने की स्थिति में, घटना की सूचना दो दिनों के भीतर संबंधित रेंज कार्यालय को लिखित रूप में दी जानी चाहिए। इसके बाद इसे तुरंत वन निरीक्षक या उप वन क्षेत्र अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा। नायब तहसीलदार और संबंधित क्षेत्र के रेंज अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से नुकसान का आकलन करने के बाद, जांच रिपोर्ट सहायक वन संरक्षक/वन्यजीव वार्डन को प्रस्तुत की जाएगी, जो अंतिम जांच करेंगे और एक महीने के भीतर डिवीजनल वन अधिकारी/उप निदेशक को रिपोर्ट भेजेंगे।
- अंतिम रिपोर्ट प्राप्त करने पर, डिवीजनल वन अधिकारी/उप निदेशक को अनुग्रह राशि को मंजूरी देने और वितरित करने का पूरा अधिकार है। संभागीय वन अधिकारी/उप निदेशक यह भी सुनिश्चित करेंगे कि मामले का पूरा विवरण मुख्य वन्यजीव वार्डन को सूचित किया जाए। वन विभाग ने एक टोल-फ्री नंबर-1800-890-9715 जारी किया है। राज्य में कहीं भी मानव-वन्यजीव घटनाओं या आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की उपस्थिति की रिपोर्ट करने के लिए कोई भी इस संख्या का उपयोग कर सकता है
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: uk.gov.in
- राष्ट्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा संबंधित नोडल कार्यालय से जानकारी लें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली हाथियों के हमलों के कारण घरों को हुए नुकसान के लिए सहायता (ADHWEA) का लाभ किन्हें मिल सकता है?
उत्तर: यह योजना मुख्य रूप से उत्तराखंड के पात्र निवासी के लिए संचालित है जो योजना के विहित दिशा-निर्देशों एवं पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
प्र. 2: वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली हाथियों के हमलों के कारण घरों को हुए नुकसान के लिए सहायता (ADHWEA) के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
उत्तर: आवेदक आधिकारिक पोर्टल uk.gov.in अथवा संबंधित विभागीय कार्यालय / सीएससी (CSC) केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्र. 3: क्या योजना के तहत लाभ सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है?
उत्तर: हाँ, अधिकांश वित्तीय सहायता एवं सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली हाथियों के हमलों के कारण घरों को हुए नुकसान के लिए सहायता (ADHWEA)लक्षित वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम है। सभी पात्र नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार कर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से समय पर अपना आवेदन सुनिश्चित करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को कोई शुल्क न दें।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the Uttarakhand Forest Department, उत्तराखंड सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, uk.gov.in, before you apply or pay.
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