वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली जानवरों के हमले के कारण मृत्यु/चोट/विकलांगता के मामले में सहायता (AICDIDWA): पात्रता, मिलने वाले लाभ, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली जानवरों के हमले के कारण मृत्यु/चोट/विकलांगता के मामले में सहायता (AICDIDWA) Uttarakhand Forest Department, उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित एक प्रमुख जनकल्याणकारी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के पात्र निवासी को वित्तीय अनुदान, सामाजिक सुरक्षा, सब्सिडी एवं आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना है। पात्र आवेदक आवश्यक दस्तावेजों के साथ आधिकारिक पोर्टल uk.gov.in पर अथवा अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के जरिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
##
- योजना का संक्षिप्त परिचय (Scheme Overview)
इस योजना का उद्देश्य बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, मगरमच्छ, सांप और अन्य निर्दिष्ट प्रजातियों जैसे जंगली जानवरों के हमले से होने वाली मौत, चोट या विकलांगता के मामलों में व्यक्तियों या उनके आश्रितों को समय पर वित्तीय सहायता और राहत प्रदान करना है
भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा नागरिकों, कमजोर वर्गों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं छात्रों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली जानवरों के हमले के कारण मृत्यु/चोट/विकलांगता के मामले में सहायता (AICDIDWA)को विशेष रूप से लागू किया गया है ताकि लक्षित वर्ग को बिना किसी कठिनाई के सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय सुरक्षा, अनुदान और विकास के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और वास्तविक पात्र व्यक्ति को सीधे तौर पर लाभ प्राप्त होता है।
2. योजना की मुख्य बातें एक नज़र में (Quick Highlights)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली जानवरों के हमले के कारण मृत्यु/चोट/विकलांगता के मामले में सहायता (AICDIDWA) |
| संचालक विभाग / मंत्रालय | Uttarakhand Forest Department, उत्तराखंड सरकार |
| योजना का स्तर | उत्तराखंड राज्य योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | उत्तराखंड के पात्र निवासी |
| लाभ का प्रकार | प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ / सामाजिक सुरक्षा / छात्रवृत्ति / पेंशन (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) एवं ऑफलाइन (CSC केंद्र) |
| आधिकारिक पोर्टल | uk.gov.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं सहायता राशि (Benefits & Subsidy)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
वर्तमान में वन्यजीव हमले के कारण किसी व्यक्ति की चोट/मृत्यु के मामले में निम्नलिखित क्षतिपूर्ति राशि दी जाती है: मानव चोट का प्रकार मानव वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण नियम, 2024 के अनुसार अनुग्रह राशि के लिए देय दरेंराज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एस. डी. आर. एफ.) के मानदंडों के अनुसार भुगतान का स्रोतः राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एस. डी. आर. एफ.) से देय राशि भुगतान का स्रोतः मानव वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियम 2024मामूली चोट के तहत देय राशि। ₹15,000/- 2। 16, 000/- एक गहरा घाव जिसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती हैः
- ₹5,400/- प्रति व्यक्ति 2. ₹16,000/- प्रति व्यक्ति ₹9,600/- प्रति व्यक्ति गंभीर चोट ₹ 1,00,000-एक गहरा घाव जिसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती हैः
- ₹5,400/- प्रति व्यक्ति 2. ₹16,000/- प्रति व्यक्ति
- ₹94,600/- प्रति व्यक्ति 2. ₹84,000/- प्रति व्यक्ति आंशिक अक्षमता ₹ 1,00,000-शरीर के किसी भी अंग (आंख/आंखों सहित) का नुकसानः 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच विकलांगताः ₹74,000/- प्रति व्यक्ति. ₹74,000/- प्रति व्यक्ति कुल विकलांगता ₹26,000/- 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता के लिए प्रति व्यक्ति ₹3 लाख, सरकारी अस्पताल या औषधालय के डॉक्टर द्वारा विकलांगता की सीमा और कारण की पुष्टि करने के प्रमाणन के अधीन। ₹50,000/- प्रति व्यक्ति किसी वयस्क या नाबालिग की मृत्यु के मामले में ₹4 लाख प्रति व्यक्तिः इसमें राहत कार्यों या तैयारी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति शामिल हैं, जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा मृत्यु के कारण के प्रमाणन के अधीन हैं। ₹ 4,00,000-प्रति व्यक्ति ₹ 2,00,000-प्रति व्यक्ति हालांकि, जंगली जानवरों द्वारा की गई मानव चोट के लिए प्रदान किए गए मुआवजे के लिए, परिवार के सदस्यों या किसी अन्य व्यक्ति के लिए अनुग्रह राशि का दावा करना अवैध है यदि कोई बुजुर्ग, चिकित्सकीय रूप से अयोग्य, विकलांग, मानसिक रूप से अस्थिर, या नाबालिग व्यक्ति जंगल में अकेला रह जाता है और उसे जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुँचाया जाता है
योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी पात्र नागरिक जरूरी सरकारी सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और जरूरी संसाधनों से वंचित न रहे।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित मुख्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- आवेदक को उत्तराखंड का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक या उनके आश्रित को किसी जंगली जानवर के हमले के कारण मृत्यु, चोट या अक्षमता का सामना करना पड़ा होगा जैसे किः-बाघ-तेंदुआ-हिम तेंदुआ-जंगली हाथी-भालू की सभी तीन प्रजातियां-लकड़बग्घा-जंगली सूअर-मगरमच्छ/घरियाल-सांप
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के निष्पक्ष क्रियान्वयन के लिए कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा क्षेत्र के स्थायी निवासी नहीं हैं।
- ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पहले से ही समान घटक अथवा योजना का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त कर लिया हो।
- अपूर्ण, अस्पष्ट अथवा गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- संस्थागत व्यक्ति अथवा अपात्र सरकारी सेवा वर्ग के व्यक्ति (योजना की शर्तों के अनुसार)।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile / Resident Certificate)
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (DBT भुगतान हेतु आधार से लिंक)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ
- जाति प्रमाण पत्र (SC / ST / OBC वर्ग के लाभार्थियों हेतु - यदि लागू हो)
- आय प्रमाण पत्र अथवा स्व-घोषणा पत्र (योजनानुसार)> उपयोगी सुझाव: यदि आपके पहचान पत्र, फोटो अथवा आय/जाति प्रमाण पत्र की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- किसी जंगली जानवर की मृत्यु, गंभीर चोट या अक्षमता की स्थिति में, घटना के लिए देय कुल मुआवजे की राशि का 30 प्रतिशत पीड़ित या आश्रित को अग्रिम के रूप में प्रदान किया जाएगा। यह प्रभावित क्षेत्र के ग्राम प्रधान, वर्तमान में सेवारत किसी भी लोक प्रतिनिधि और संबंधित क्षेत्र के वन रक्षक द्वारा घटना की पुष्टि पर आधारित होगा। जीवन या संपत्ति के नुकसान के बारे में जानकारी प्राप्त होने से अधिकतम 48 घंटों (सार्वजनिक छुट्टियों को छोड़कर) के भीतर अग्रिम राशि प्रदान की जाएगी।
- शेष राशि का भुगतान अंतिम जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर किया जाएगा। मुआवजे के भुगतान के लिए, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और पीड़ित या आश्रित के बैंक खाते का विवरण आवश्यक है।
- ऐसे मामलों में जहां कोई व्यक्ति जंगली जानवर द्वारा मारा जाता है, गंभीर रूप से घायल हो जाता है, या विकलांग हो जाता है, राज्य सरकार के डॉक्टर द्वारा जारी प्रमाण पत्र संबंधित मंडल वन अधिकारी (डी. एफ. ओ.) या उप निदेशक के कार्यालय में जमा किया जाना चाहिए। डी. एफ. ओ./उप निदेशक के पास तब संबंधित सहायक वन संरक्षक या वन्यजीव वार्डन द्वारा तैयार की गई अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुग्रह राशि के भुगतान को मंजूरी देने या जारी करने का पूरा अधिकार होगा। डी. एफ. ओ./उप निदेशक भी मामले का पूरा विवरण मुख्य वन्यजीव वार्डन को भेजेंगे।
- अंतिम जांच रिपोर्ट घटना के 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जानी चाहिए। अनुग्रह राशि का अंतिम भुगतान करने से पहले, मृतक के आश्रितों के संबंध में राजस्व विभाग से एक प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाएगा। यदि अंतिम जाँच रिपोर्ट इस बात की पुष्टि नहीं करती है कि पीड़ित को जंगली जानवर द्वारा मार दिया गया था, गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था, या विकलांग कर दिया गया था, तो पीड़ित या आश्रित को दी गई अग्रिम राशि राजस्व के रूप में वसूल की जाएगी। वन विभाग ने एक टोल-फ्री नंबर, 1800-890-9715 जारी किया है, जहाँ कोई भी व्यक्ति राज्य में कहीं भी मानव-वन्यजीव घटनाओं या आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की उपस्थिति की रिपोर्ट कर सकता है
8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: uk.gov.in
- केंद्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा शिकायत के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा अपने जिले के संबंधित समाज कल्याण कार्यालय में संपर्क करें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: क्या वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली जानवरों के हमले के कारण मृत्यु/चोट/विकलांगता के मामले में सहायता (AICDIDWA) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हां, इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल uk.gov.in और नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC / ग्राम सुविधा केंद्र) दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
प्र. 2: योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान कैसे होता है?
उत्तर: स्वीकृत वित्तीय अनुदान अथवा सहायता राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली द्वारा स्थानांतरित की जाती है।
प्र. 3: क्या इस योजना में आवेदन करने के लिए कोई शुल्क देना होता है?
उत्तर: विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनलाइन आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है। यदि आप सीएससी (CSC) केंद्र से फॉर्म भरवाते हैं, तो केवल निर्धारित
- सेवा शुल्क ही देय होगा।
प्र. 4: आवेदन करने के बाद फॉर्म का स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) अथवा पंजीकृत आधार/मोबाइल नंबर के जरिए 'Track Application Status' विकल्प पर स्थिति जांच सकते हैं।
प्र. 5: यदि आवेदन फॉर्म में कोई गलती हो जाए तो क्या करें?
उत्तर: फॉर्म सबमिट करने से पूर्व सभी विवरण भली-भांति जांच लें। यदि सबमिशन के बाद त्रुटि पाई जाती है, तो पोर्टल पर उपलब्ध सुधार विकल्प अथवा संबंधित ब्लॉक/जिला कार्यालय से संपर्क कर संशोधन कराएं।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
वन क्षेत्रों में और उसके आसपास जंगली जानवरों द्वारा जीवन और संपत्ति के नुकसान के लिए क्षतिपूर्तिः जंगली जानवरों के हमले के कारण मृत्यु/चोट/विकलांगता के मामले में सहायता (AICDIDWA)समाज के समग्र विकास और नागरिकों की आर्थिक-सामाजिक मजबूती के लिए एक अत्यंत लाभकारी कदम है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट अथवा मान्यता प्राप्त जन सेवा केंद्रों के माध्यम से ही करें। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति अथवा एजेंट के झूठे वादों में न आएं।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the Uttarakhand Forest Department, उत्तराखंड सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, uk.gov.in, before you apply or pay.
Related guides
- महिला उद्यमियों के लिए आसान ऋण योजना (SLSWE)केरल में सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से प्राप्त कार्यों और परियोजनाओं को ला
- आर. एम. ई. डब्ल्यू. एफ.-पूर्व सैनिकों के चिकित्सा उपचार के लिए वित्तीय सहायता (RMEWF)गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों/हवलदार तक के रैंकों की विधवाओं को नियमित चिकित्सा खर्चों को पूरा कर
- मधुमक्खी पालन (BK)इस योजना का उद्देश्य किसानों को अनुदानित मधुमक्खी बक्से, मधुमक्खी कालोनियां और प्रशिक्षण सहायता
- नस्ल गुणन फार्म-उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड (BMFULDB)इस योजना का उद्देश्य किसानों को मवेशियों और भैंसों की नस्लों के उच्च आनुवंशिक गुण वाले बछड़ों क
- मानव गरिमा योजना डीसीडब्ल्यू (अल्पसंख्यक)इस योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक व्यक्तियों को व्यावसायिक टूलकिट और समर्थन के माध्यम से स्व-नियो
- महिला श्रमिकों के लिए मातृत्व लाभ-जे. के. बी. ओ. सी. डब्ल्यू. डब्ल्यू. बी (MBFFWJKBOCWWB)जे. के. बी. ओ. सी. डब्ल्यू. कल्याण बोर्ड, श्रम विभाग, जम्मू और कश्मीर द्वारा "महिला श्रमिकों के
- शिक्षकों के लिए राज्य पुरस्कार (SAT)"शिक्षकों को राज्य पुरस्कार" योजना का उद्देश्य राज्य के बेहतरीन शिक्षकों के अद्वितीय योगदान का
- सरस्वती विद्या योजनाः साइकिलों का निःशुल्क वितरण (SVYFDB)शिक्षा निदेशालय, डी. एन. एच. और डी. डी. के यू. टी. प्रशासन द्वारा लागू "सरस्वती विद्या योजना" क
- EWS CertificateCourse guide
- IGRSUPCourse guide
- UP BhulekhCourse guide
This guide is general information compiled by Pratiyogita Kosh. It does not quote fees, stamp duty rates or dates, because they change by order and by year. Confirm all details on the official portal before you act. We are not a government body, we are not affiliated with any department mentioned, and we do not issue certificates or process applications. Beware of agents who ask for money to "speed up" a government service. Sources and review information · Report a correction.

