शिल्प और उपकरण (इकाईः उपयुक्त आकार की नावें जिसमें जाल, मछली और बर्फ रखने वाले डिब्बे, आदि शामिल हैं) (CG-UBASNFIHBE): पात्रता, मिलने वाले लाभ, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
In short: शिल्प और उपकरण (इकाईः उपयुक्त आकार की नावें जिसमें जाल, मछली और बर्फ रखने वाले डिब्बे, आदि शामिल हैं) (CG-UBASNFIHBE) मत्स्य पालन विभाग, गोवा सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य गोवा के पात्र निवासी को आर्थिक सहयोग, सब्सिडी एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। पात्र आवेदक सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आधिकारिक पोर्टल goa.gov.in पर ऑनलाइन अथवा अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
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- योजना का संक्षिप्त परिचय (Scheme Overview)
इस योजना का उद्देश्य गोवा में अंतर्देशीय मछली पकड़ने की गतिविधियों के लिए 26 फीट से नीचे के नए लकड़ी या फाइबरग्लास प्रबलित प्लास्टिक मछली पकड़ने के शिल्प की खरीद या निर्माण पर सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करके पारंपरिक मछुआरों का उत्थान करना है।
भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण कामगारों के उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी क्रम में शिल्प और उपकरण (इकाईः उपयुक्त आकार की नावें जिसमें जाल, मछली और बर्फ रखने वाले डिब्बे, आदि शामिल हैं) (CG-UBASNFIHBE)को विशेष रूप से लागू किया गया है ताकि लक्षित वर्ग को बिना किसी कठिनाई के आधुनिक तकनीक, उपकरण, वित्तीय सुरक्षा और विकास के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और वास्तविक पात्र व्यक्ति को सीधे तौर पर लाभ प्राप्त होता है।
2. योजना की मुख्य बातें एक नज़र में (Quick Highlights)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | शिल्प और उपकरण (इकाईः उपयुक्त आकार की नावें जिसमें जाल, मछली और बर्फ रखने वाले डिब्बे, आदि शामिल हैं) (CG-UBASNFIHBE) |
| संचालक विभाग / मंत्रालय | मत्स्य पालन विभाग, गोवा सरकार |
| योजना का स्तर | गोवा राज्य योजना |
| लक्षित क्षेत्र / राज्य | गोवा के पात्र निवासी |
| लाभ का प्रकार | प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ / सब्सिडी / तकनीकी सहायता (DBT) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन (आधिकारिक पोर्टल) एवं ऑफलाइन (CSC केंद्र) |
| आधिकारिक पोर्टल | goa.gov.in |
3. मिलने वाले लाभ एवं सहायता राशि (Benefits & Subsidy)
इस योजना के तहत स्वीकृत मानकों के अनुसार निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
####वित्तीय सहायता/सब्सिडी
- 26 फीट से नीचे की नई फाइबरग्लास प्रबलित प्लास्टिक या लकड़ी की नौकाओं की खरीद या निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें जाल, सहायक उपकरण और इन्सुलेटेड मछली और बर्फ रखने वाले डिब्बे शामिल हैं।
- सामान्य श्रेणी के लिए, वित्तीय सहायता इकाई लागत का 40 प्रतिशत तक है, जो 40,000/- तक सीमित है।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और उनकी सहकारी समितियों के लिए, वित्तीय सहायता इकाई लागत का 60 प्रतिशत तक है, जो 60,000/- तक सीमित है।
- शिल्प और रखरखाव के लिए मानी जाने वाली इकाई लागत। गियर (इकाईः जाल, मछली और मछली सहित उपयुक्त आकार की नावें। आइस होल्डिंग बॉक्स आदि) ₹ 1,00,000-है। #######संवितरण
- सब्सिडी राशि आवेदक के पक्ष में उसके बैंक खाते में वितरित की जाएगी। ######शर्तें
- _ मछली पकड़ने वाली डोंगी को बंदरगाह विभाग के कप्तान के तहत पंजीकृत किया जाना चाहिए। _-_ योजना के माध्यम से खरीदे गए जाल और उसके सहायक उपकरण गोवा, दमन और दीव मत्स्य पालन नियम, 1981 के तहत मत्स्य पालन निदेशालय के साथ विधिवत पंजीकृत होने चाहिए। _-लाभार्थी योजना के माध्यम से खरीदे गए मछली पकड़ने वाले डोंगी, जाल, सहायक उपकरण या इन्सुलेटेड आइस होल्डिंग बॉक्स को खरीद की तारीख से पांच साल की अवधि के लिए नहीं बेचेगा, गिरवी नहीं रखेगा या स्थानांतरित नहीं करेगा
योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी पात्र नागरिक आधुनिक कृषि पद्धतियों, आजीविका के साधनों और जरूरी संसाधनों से वंचित न रहे।
4. योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित मुख्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
- आवेदक मछुआरा होना चाहिए।
- आवेदक के पास मछली पकड़ने के जाल और बर्फ रखने वाले डिब्बों सहित 26 फीट से कम की लकड़ी या फाइबरग्लास प्रबलित प्लास्टिक मछली पकड़ने के शिल्प की खरीद या निर्माण के लिए मत्स्य पालन निदेशालय द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र होना चाहिए।
- आवेदक को सब्सिडी का दावा करने के लिए नई डोंगी, गिल नेट और उसके सहायक उपकरण, और इन्सुलेटेड मछली और बर्फ रखने वाले डिब्बे की खरीद या निर्माण के लिए अधिकृत विक्रेता से मूल वस्तु और सेवा कर बिल लाना होगा।
- आवेदक मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर का मालिक नहीं होना चाहिए।
- आवेदक को विभाग का चूककर्ता नहीं होना चाहिए। आरक्षण/प्राथमिकताः अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएँ और उनकी सहकारी समितियाँ सहायता की उच्च दर (इकाई लागत का 60 प्रतिशत, 60,000 रुपये तक सीमित) के लिए पात्र हैं। सरकार को इस योजना में प्रदान किए गए सभी या किसी भी खंड में ढील देने का अधिकार है, यदि उचित समझा जाता है, तो दर्ज किए जाने वाले कारणों के लिए
5. किसे नहीं मिलेगा लाभ? (Exclusions)
योजना के निष्पक्ष क्रियान्वयन के लिए कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है:
- वे आवेदक जो निर्धारित राज्य अथवा क्षेत्र के स्थायी निवासी नहीं हैं।
- ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पहले से ही समान घटक अथवा योजना का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त कर लिया हो।
- अपूर्ण, अस्पष्ट अथवा गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने वाले आवेदक।
- संस्थागत भूमिधारक अथवा अपात्र सरकारी सेवा वर्ग के व्यक्ति (योजना की शर्तों के अनुसार)।
6. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट प्रति तैयार रखें:
- आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card)
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile / Resident Certificate)
- जमीन के दस्तावेज (खसरा, खतौनी, 7/12 अथवा पट्टा - जहाँ लागू हो)
- सक्रिय बैंक खाता पासबुक (DBT भुगतान हेतु आधार से लिंक)
- पासपोर्ट साइज नवीन फोटोग्राफ
- जाति प्रमाण पत्र (SC / ST / OBC वर्ग के लाभार्थियों हेतु)
- आय प्रमाण पत्र अथवा स्व-घोषणा पत्र (योजनानुसार)> उपयोगी सुझाव: यदि आपके पहचान पत्र, फोटो अथवा जमीन के अभिलेखों की फाइल साइज पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिक है, तो आप हमारे मुफ्त PDF Compressor और Image Compressor टूल का उपयोग करके आसानी से फाइल साइज कम कर सकते हैं।
7. ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- चरण 1: इच्छुक आवेदक को मत्स्य पालन निदेशालय/खंड विकास कार्यालय (बीडीओ)/ग्राम पंचायत और मुख्य कार्यालय से आवेदन पत्र के निर्धारित प्रारूप का अनुरोध करना चाहिए।
- चरण 2: आवेदन पत्र में, सभी अनिवार्य क्षेत्रों को भरें, और सभी अनिवार्य दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न करें (यदि आवश्यक हो तो स्व-सत्यापन)।
- चरण 3: दस्तावेजों के साथ विधिवत भरा हुआ और हस्ताक्षरित आवेदन पत्र मत्स्य पालन विभाग, दयानंद बंदोदकर मार्ग, पट्टो कॉलोनी, पणजी गोवा-403 521 पर संबंधित प्राधिकरण को या मत्स्य पालन विभाग के बीडीओ कार्यालय/उप-कार्यालय (https://fisheries.goa.gov.in/contact-us-2 #) पर तैनात अधिकारी को जमा करें।## 8. आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर एवं संपर्क सूत्र (Official Contacts)
- आधिकारिक वेबसाइट: goa.gov.in
- केंद्रीय सरकारी योजना पोर्टल: myscheme.gov.in
- हेल्पलाइन सहायता: योजना से संबंधित किसी भी पूछताछ, तकनीकी समस्या अथवा शिकायत के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें अथवा अपने जिले के संबंधित उपनिदेशक / कृषि अधिकारी कार्यालय में संपर्क करें।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions - FAQs)
प्र. 1: क्या शिल्प और उपकरण (इकाईः उपयुक्त आकार की नावें जिसमें जाल, मछली और बर्फ रखने वाले डिब्बे, आदि शामिल हैं) (CG-UBASNFIHBE) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
उत्तर: हां, इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल goa.gov.in और नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC / ग्राम सुविधा केंद्र) दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
प्र. 2: योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि का भुगतान कैसे होता है?
उत्तर: स्वीकृत वित्तीय अनुदान अथवा सहायता राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली द्वारा स्थानांतरित की जाती है।
प्र. 3: क्या इस योजना में आवेदन करने के लिए कोई शुल्क देना होता है?
उत्तर: विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण एवं ऑनलाइन आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है। यदि आप सीएससी (CSC) केंद्र से फॉर्म भरवाते हैं, तो केवल निर्धारित
- सेवा शुल्क ही देय होगा।
प्र. 4: आवेदन करने के बाद फॉर्म का स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) अथवा पंजीकृत आधार/मोबाइल नंबर के जरिए 'Track Application Status' विकल्प पर स्थिति जांच सकते हैं।
प्र. 5: यदि आवेदन फॉर्म में कोई गलती हो जाए तो क्या करें?
उत्तर: फॉर्म सबमिट करने से पूर्व सभी विवरण भली-भांति जांच लें। यदि सबमिशन के बाद त्रुटि पाई जाती है, तो पोर्टल पर उपलब्ध सुधार विकल्प अथवा संबंधित ब्लॉक/जिला कार्यालय से संपर्क कर संशोधन कराएं।
10. निष्कर्ष एवं महत्वपूर्ण सलाह (Conclusion)
शिल्प और उपकरण (इकाईः उपयुक्त आकार की नावें जिसमें जाल, मछली और बर्फ रखने वाले डिब्बे, आदि शामिल हैं) (CG-UBASNFIHBE)ग्रामीण क्षेत्र के विकास और लाभार्थियों की आर्थिक मजबूती के लिए एक अत्यंत लाभकारी कदम है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा करें।
हमेशा ध्यान रखें कि आवेदन केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट अथवा मान्यता प्राप्त जन सेवा केंद्रों के माध्यम से ही करें। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति अथवा एजेंट के झूठे वादों में न आएं।
अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और प्रमाण पत्रों की विस्तृत जानकारी के लिए हमारे सरकारी योजनाएं अनुभाग का अवलोकन करें। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी हेतु हमारे कोर्स गाइड्स और कॉलेज डायरेक्टरी का लाभ उठाएं।
Check the official source
This service is run by the मत्स्य पालन विभाग, गोवा सरकार. Rules, forms, fees and timelines are set by government orders and can change. Always confirm them on the official website, goa.gov.in, before you apply or pay.
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