BPSC: बीपीएससी बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, ये हैं नई तारीखें

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2020 ( BPSC Bihar Judicial Service Exam 2020 ) के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। पहले रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 28 मार्च थी जिसे अब बढ़ाकर 5 मई, 2020 कर दिया गया है। विस्तारित कार्यक्रम के मुताबिक अब 12 मई तक एग्जामिनेशन फीस का भुगतान किया जा सकता है। वहीं ऑनलाइन आवेदन पूर्ण रूप से भरने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 22 मई कर दी गई जो कि पहले 13 अप्रैल थी। इस बार बिहार बीपीएससी न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2020 के जरिए 221 भर्तियां निकाली गई हैं। इच्छुक उम्मीदवार बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

शैक्षणिक योग्यता
बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त संस्थान से लॉ में ग्रेजुएशन।

आयु सीमा
1 अगस्त, 2019 को उम्मीदवार की उम्र कम से कम 22 वर्ष हो। और 1 अगस्त, 2018 को उम्मीदवार की उम्र अधिकतम 35 वर्ष हो। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए (महिलाओं समेत) और अनारक्षित श्रेणी की महिलाओं के लिए आयु की अधिकतम सीमा 40 वर्ष रखी गई है।

चयन
सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा होगी। सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्ष के लिए बुलाया जाएगा। मुख्य परीक्षा में पास उम्मीदवारों का इंटरव्यू होगा। मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में प्राप्त मार्क्स के आधार पर फाइनल मेरिट बनेगी।

आवेदन फीस
सामान्य कैटेगरी के उम्मीदवारों को 600 रुपये, केवल बिहार राज्य के एससी, एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 150 रुपये, बिहार राज्य की स्थायी निवासी महिलाओं को 150 रुपये, दिव्यांग उम्मीदवारों को 150 रुपये का भुगतान करना होगा। अन्य सभी उम्मीदवारों को 600 रुपये का भुगतान करना होगा।

कार्ड से परीक्षा शुल्क का नहीं हो पा रहा था भुगतान
बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले कुछ आवेदकों के सामने विकट समस्या आ गई थी। परीक्षा शुल्क जमा करने की तारीख खत्म हो गई थी लेकिन शुल्क जमा ही नहीं हो पाया था। अभ्यर्थियों की शिकायत थी कि डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान नहीं हो पा रहा था। ऐसे में जो नेट बैंकिंग इस्तेमाल नहीं करते हैं, उनके सामने समस्या उत्पन्न हो गई थी। उनका फॉर्म ही नहीं भर पाया था। इस समस्या से सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाके के अभ्यर्थी परेशान थे क्योंकि वो इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल नहीं करते हैं। लॉकडाउन की वजह से साइबर कैफे भी बंद हैं।